पंचायती राज: 17.5 लाख पुरुषों को मिलेगा महिला सुरक्षा प्रशिक्षण
केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने महिला सुरक्षा और लैंगिक समानता पर 17.5 लाख पुरुष और 14.5 लाख महिला पंचायत प्रतिनिधियों को संवेदनशील बनाने के लिए देशव्यापी 'निर्भय चेतना' कार्यक्रम शुरू किया है। निर्भया फंड द्वारा वित्त पोषित 'निर्भय रहो' लैंगिक समानता कार्यक्रम का हिस्सा, इस पहल का उद्देश्य लगभग 32 लाख प्रतिनिधियों तक पहुँचना है। कुल ₹752.26 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिसमें पुरुषों को संवेदनशील बनाने के लिए ₹408.83 करोड़ और महिलाओं के क्षमता निर्माण और कानूनी साक्षरता के लिए ₹343.43 करोड़ शामिल हैं। कार्यक्रम में 'निर्भय दृष्टि' के तहत गाँवों में सीसीटीवी कैमरे लगाना और 28,500 मास्टर प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करना भी शामिल है।
AI सारांश
3 bulletsनिर्भय चेतना: एक राष्ट्रव्यापी पहल
केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने पूरे भारत में महिला सुरक्षा और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए 'निर्भय चेतना' कार्यक्रम शुरू किया है। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगभग 32 लाख निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को संवेदनशील बनाना है, जिसमें 17.5 लाख पुरुष और 14.5 लाख महिलाएँ शामिल हैं।
कार्यक्रम का वित्तपोषण और दायरा
निर्भया फंड से इस पहल के लिए ₹752.26 करोड़ की महत्वपूर्ण राशि आवंटित की गई है। इसमें से ₹408.83 करोड़ विशेष रूप से पुरुष प्रतिनिधियों को संवेदनशील बनाने के लिए उपयोग किए जाएंगे, जबकि ₹343.43 करोड़ महिला प्रतिनिधियों के लिए कानूनी साक्षरता और क्षमता निर्माण के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह बड़ा निवेश सुरक्षित और अधिक न्यायसंगत समुदाय बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
प्रमुख स्तंभ: निर्भय चेतना, नेत्री और दृष्टि
यह कार्यक्रम तीन मुख्य मोर्चों पर संचालित होता है: 'निर्भय चेतना' पुरुष पंचायत प्रतिनिधियों को संवेदनशील बनाने पर केंद्रित है। 'निर्भय नेत्री' 14.5 लाख महिला प्रतिनिधियों को कानूनी साक्षरता और क्षमता निर्माण प्रदान करती है, जिससे वे स्थानीय शासन में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें। अंत में, 'निर्भय दृष्टि' का उद्देश्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गाँवों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर सुरक्षा बुनियादी ढांचे को बढ़ाना है।
प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण
इस बड़े पैमाने के प्रशिक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए, राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर 28,500 मास्टर प्रशिक्षकों को तैयार किया जा रहा है। निर्भया फंड परियोजना के तहत 17 से 19 जून 2026 तक नई दिल्ली स्थित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) में तीन दिवसीय 'प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण' कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
प्रभाव और दृष्टिकोण
मंत्रालय का मानना है कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से जमीनी स्तर पर महिला सुरक्षा और लैंगिक समानता मजबूत होगी। केंद्रीय सचिव विवेक भारद्वाज ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कानूनों को मजबूत किया जा रहा है, लेकिन भारत में महिलाओं की कार्यबल भागीदारी (32%) चीन (59%) जैसे देशों की तुलना में अभी भी कम है, इस बात पर जोर दिया कि विकास महिला सुरक्षा से आंतरिक रूप से जुड़ा हुआ है।
क्यों मायने रखता है
यह पहल भारत में जमीनी स्तर पर लैंगिक समानता और महिला सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें स्थानीय नेताओं को सीधे शामिल किया गया है। पुरुष प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करके और महिला प्रतिनिधियों को सशक्त बनाकर, इसका उद्देश्य सुरक्षित समुदाय बनाना और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।
मुख्य तथ्य
- •Total Representatives to be Trained: 32 lakh
- •Male Representatives to be…: 17.5 lakh
- •Female Representatives to Receive…: 14.5 lakh
- •Total Funds Allocated from Nirbhaya…: ₹752.26 crore
- •Funds for Male Sensitization: ₹408.83 crore
- •Funds for Female Capacity Building: ₹343.43 crore
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