नवजात शिशु ने अपनी माँ को वेनेज़ुएला के मलबे के नीचे जीवित रखा
दयाना पेटिनो और उनके 18 दिन के बेटे, जुआन डेविड, को हाल ही में वेनेज़ुएला के ला गुएरा में आए दोहरे भूकंप के बाद उनके अपार्टमेंट के मलबे से चमत्कारिक ढंग से बचाया गया। घंटों तक फंसी दयाना ने अपने बेटे को चौकन्ना और जीवित रहने की प्रेरणा का श्रेय दिया। उन्होंने उसे कसकर पकड़े रखा, उसकी साँसें जाँचीं, जबकि उन्हें पैरों में गंभीर चोटें लगी थीं। उनके पति, गेर्सन, जो बाल-बाल बचे थे, ने उनकी बचाव को एक चमत्कार बताया। परिवार ने सब कुछ खो दिया लेकिन 1,450 से अधिक लोगों की जान लेने वाले विनाशकारी झटकों के बाद फिर से निर्माण करने की कसम खाई।
AI सारांश
3 bulletsमलबे के बीच चमत्कारिक बचाव
दयाना पेटिनो और उनके नवजात बेटे, जुआन डेविड, को वेनेज़ुएला के ला गुएरा में उनके आठवें माले के अपार्टमेंट के मलबे से नाटकीय ढंग से बचाया गया। दोहरे भूकंप से क्षेत्र में तबाही के बाद वे लंबे समय तक फंसे रहे थे। उनकी जीवित बचने की कहानी ने विश्व स्तर पर गूंज पैदा की है।
माँ के जीने की इच्छा में नवजात बेटे की भूमिका
दयाना ने खुलासा किया कि उनके 18 दिन के बेटे, जुआन डेविड, ही उनके होश में रहने और इस कठिन परीक्षा को सहने की एक मात्र प्रेरणा थे। वह लगातार उसकी सांसें जांचती रहीं, उसकी उपस्थिति से शक्ति प्राप्त करती रहीं। उसकी छोटी-छोटी हरकतों ने उसके जीवित रहने के संकल्प को मजबूत किया।
मलबे के नीचे भयावह अनुभव
दयाना ने बताया कि पहले भूकंप के बाद वह तुरंत फर्नीचर और कंक्रीट से कुचल गईं। उन्हें पैरों में गंभीर चोटें आईं और वह फंस गईं, फिर भी उन्होंने अपने बच्चे को गोद में रखने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने ऊर्जा बचाने की रणनीति बनाई, केवल तभी चिल्लाती थीं जब उन्हें पास में बचावकर्मी महसूस होते थे, और अपने नीचे महसूस की गई एक बाइबिल में आशा पाती थीं।
भाई की पुकार ने बचाव का मार्ग प्रशस्त किया
उसका बचाव तब हुआ जब उसने मलबे के माध्यम से अपने भाई को अपना नाम पुकारते हुए सुना। अवसर का लाभ उठाते हुए, वह अपनी पूरी ताकत से चिल्लाई, जिससे बचावकर्मी उनके स्थान तक पहुँच गए। फिर एक नाजुक ऑपरेशन चला, जिसने गुरुवार रात को माँ और बच्चे दोनों को सफलतापूर्वक मलबे से बाहर निकाला।
परिवार का पुनर्निर्माण का वादा
दयाना के पति, गेर्सन, जो ढहती हुई इमारत से बमुश्किल बच पाए थे, ने उनके जीवित बचने को एक अवर्णनीय चमत्कार बताया। हालांकि उनका घर और सामान खो गया है, और उनका पालतू कुत्ता अभी भी लापता है, परिवार ने अपने जीवन का पुनर्निर्माण करने और तबाही से उबरने की कसम खाई है।
क्यों मायने रखता है
यह कहानी विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं के बीच अदम्य मानवीय भावना और मातृत्व प्रेम की शक्ति को दर्शाती है, जो एक ऐसे राष्ट्र में आशा की किरण प्रदान करती है जो immense नुकसान और अनिश्चितता से जूझ रहा है।
मुख्य तथ्य
- •Rescue Location: La Guaira, Venezuela
- •Baby's Age: 18 days old
- •Earthquake Death Toll (at time of…: 1,450+
- •Dayana's Injuries: Injuries to both legs
- •Juan David's Injuries: Minor injures
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…