CJP विरोध प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ याचिका पर SC ने तत्काल सुनवाई से इनकार…
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के "चलो संसद" विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस ज्यादतियों को लेकर स्वत: संज्ञान कार्यवाही शुरू करने से इनकार कर दिया। एक वकील ने पुलिस बर्बरता के वीडियोग्राफिक सबूत पेश किए, लेकिन CJI सूर्यकांत ने यह कहते हुए जांच करने से इनकार कर दिया कि अदालत के पास समय नहीं है। 20 जुलाई को हुए इस विरोध प्रदर्शन में निष्पक्ष प्रवेश परीक्षा, एनटीए सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई थी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी पहले इसी तरह के आरोपों पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था, जो इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की न्यायपालिका की अनिच्छा को दर्शाता है।
AI सारांश
3 bulletsSC ने पुलिस कार्रवाई पर तत्काल याचिका खारिज की
बुधवार, 22 जुलाई, 2026 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में हुए छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों का स्वतः संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष यह मामला उठाया, जिसमें कथित पुलिस बर्बरता के संबंध में हस्तक्षेप की मांग की गई थी।
CJI ने वीडियो साक्ष्य को खारिज किया
वकील ने वीडियो साक्ष्य होने का दावा किया जिसमें कथित तौर पर पुलिसकर्मियों द्वारा निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर हमला करते हुए दिखाया गया था। हालांकि, CJI सूर्यकांत ने इन वीडियो की समीक्षा करने के अनुरोध को मौखिक रूप से खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि "हमारा समय बर्बाद न करें, और अपना समय बर्बाद न करें" और "हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास उन्हें देखने का समय नहीं है।"
CJP के 'चलो संसद' विरोध प्रदर्शन की मांगें
20 जुलाई, 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन हजारों छात्रों को शामिल करते हुए एक 'चलो संसद' मार्च था। उनकी प्रमुख मांगों में पारदर्शी प्रवेश परीक्षा, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के भीतर सुधार, और कथित पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल था।
दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा भी इसी तरह की अस्वीकृति
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय द्वारा अपनाए गए इसी तरह के रुख के बाद आया है। एक दिन पहले, उन्होंने सोमवार के विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से भी इनकार कर दिया था, यह सलाह देते हुए कि 'अदालत को इसमें न घसीटें'।
राजनीतिक परिणाम और मांगें
विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई ने एक राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, जिसमें विपक्षी सांसदों ने संसद के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधान मंत्री मोदी से प्रभावित छात्रों से माफी मांगने का आह्वान किया है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांगों को दोहराया है।
क्यों मायने रखता है
छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बर्बरता के कथित मामलों पर न्यायपालिका का रुख प्रदर्शनकारियों के लिए जवाबदेही और न्याय तक पहुंच पर सवाल उठाता है, खासकर शैक्षिक सुधारों के संबंध में।
मुख्य तथ्य
- •Date of Supreme Court decision: July 22, 2026
- •Date of protest: July 20, 2026
- •Protest organizer: Cockroach Janta Party (CJP)
- •Key demands of protest: Fair entrance exams, NTA reforms, Education Minister's resignation
- •CJI's remarks on video evidence: 'Don’t waste our time', 'We are not interested in videos'
- •Other court's decision: Delhi High Court also refused urgent hearing
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