ईरान ने भारतीय नाविकों की मौत के लिए अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार, ड्रोन हमले के आरोपों को नकारा

ईरान ने भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने का आरोप अमेरिका पर लगाया है, जिससे तीन भारतीय नौसैनिकों की मौत हो गई। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन घटनाओं को अमेरिका द्वारा "सशस्त्र डकैती और राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती" बताया। यह तब हुआ जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया था, जिसे ईरान ने "निराधार" बताया है। भारत ने भी एमटी सेट्टेबेलो टैंकर पर हुए हमले को लेकर अमेरिका के समक्ष राजनयिक विरोध दर्ज कराया है, जिसमें तीन भारतीय नाविक मारे गए थे। टैंकर में 24 भारतीय चालक दल के सदस्य थे।
क्यों मायने रखता है
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा यह आरोप-प्रत्यारोप, जिसमें भारत बीच में फंसा है, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को उजागर करता है जो वैश्विक शिपिंग और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सीधे प्रभावित करता है। यह घटनाएँ अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून और भारत के विदेशी संबंधों एवं ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के बारे में चिंताएँ बढ़ाती हैं।
मुख्य तथ्य
- •Indian fatalities: 3
- •Vessels attacked as per Iran: 3 Indian vessels
- •Crew on MT Settebello: 28 (24 Indian, 4 foreign)
- •Date of article publication: June 13, 2026
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