जैसलमेर में जल संकट से निपटने को पुरानी पाइपलाइन का इस्तेमाल
जैसलमेर को मोहनगढ़ हेडवर्क्स पर अत्यधिक निर्भर होने के कारण लगातार जल आपूर्ति बाधित होने का सामना करना पड़ता है, खासकर हालिया धूल भरी आंधी जैसी बिजली कटौती के बाद। इससे निपटने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) ने defunct देवा-पोहड़ा पाइपलाइन को फिर से सक्रिय करने के लिए ₹2 करोड़ की योजना प्रस्तावित की है। इस पहल का उद्देश्य डबला और राजवाई में मौजूदा ट्यूबवेलों को जोड़कर बाबर मगरा और इंदिरा कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में प्रतिदिन 4-5 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी की आपूर्ति करना है, जिससे आपात स्थिति में वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित हो सके और आगामी पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। यह योजना उच्च अधिकारियों की मंजूरी का इंतजार कर रही है।
AI सारांश
3 bulletsएकल स्रोत पर निर्भरता
जैसलमेर शहर और आसपास के गांव अपनी जल आपूर्ति के लिए बाड़मेर लिफ्ट परियोजना के मोहनगढ़ हेडवर्क्स पर बहुत अधिक निर्भर हैं। यह एकल निर्भरता क्षेत्र को व्यवधानों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बनाती है, विशेष रूप से बिजली कटौती और धूल भरी आंधी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले व्यवधानों के प्रति।
हालिया जल संकट
हाल ही में आई धूल भरी आंधी ने मोहनगढ़ पाइपलाइन से जुड़े टावरों को गिरा दिया, जिससे हेडवर्क्स पर बिजली गुल हो गई। इसके परिणामस्वरूप जैसलमेर में तीन से पांच दिनों तक गंभीर जल आपूर्ति बाधित हुई, जिससे निवासियों को काफी खर्च पर निजी टैंकरों और ट्रैक्टरों से पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा।
प्रस्तावित वैकल्पिक समाधान
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) ने लंबे समय से अप्रयुक्त देवा-पोहड़ा पाइपलाइन का उपयोग करने के लिए 2 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। इसमें डाबला और राजवाई गांवों में मौजूदा ट्यूबवेलों को पाइपलाइन से जोड़ना शामिल है, जिसका उद्देश्य जैसलमेर के भीतर बाबर मगरा और इंदिरा कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में पानी पहुंचाना है।
बढ़ी हुई जल आपूर्ति और भविष्य की तैयारी
इस नई पहल से जैसलमेर को प्रतिदिन 4-5 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी मिलने का अनुमान है। यह अतिरिक्त आपूर्ति महत्वपूर्ण है, खासकर आगामी पर्यटन सीजन के साथ, जब होटलों और रेस्तरां में पानी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जिससे शहर की प्रतिदिन 18 मिलियन लीटर की आवश्यकता पूरी होगी।
परियोजना अनुमोदन की प्रतीक्षा में
इस वैकल्पिक जल आपूर्ति योजना का विस्तृत प्रस्ताव समीक्षा और अनुमोदन के लिए उच्च विभागीय अधिकारियों को प्रस्तुत किया गया है। एक बार मंजूरी मिलने के बाद, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जैसलमेर की जल सुरक्षा बढ़ाने के लिए इस महत्वपूर्ण परियोजना को लागू करने का काम शुरू करेगा।
क्यों मायने रखता है
जैसलमेर, एक प्रमुख पर्यटन स्थल, अपने मुख्य जल स्रोत में व्यवधान के कारण अक्सर पानी की कमी से जूझता है। यह नई योजना निवासियों और पर्यटन उद्योग दोनों के लिए लगातार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक स्थायी और तत्काल समाधान प्रदान करती है।
मुख्य तथ्य
- •Estimated Project Cost: ₹2 Crore
- •Daily Water Requirement in Jaisalmer: 18 Million Litres
- •Additional Water from New Plan: 4-5 Million Litres per day
- •Distance of Mohangarh Headworks: 60 km
- •Duration of Recent Water Disruption: 3-5 days
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