करणी सेना की UGC नियमों के विरोध में CM आवास घेराव की चेतावनी
जयपुर में श्री राजपूत करणी सेना ने प्रस्तावित यूजीसी दिशानिर्देशों के खिलाफ 'सवर्ण न्याय पदयात्रा' निकाली, जिसके दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित दुर्व्यवहार के लिए पुलिस अधिकारियों के निलंबन की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा और राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़े और पानी की बौछारों का सामना करते हुए जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। मकराना ने नए यूजीसी नियमों को सवर्ण छात्रों के भविष्य के खिलाफ "काला कानून" बताया और प्रशासन पर उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाया।
AI सारांश
3 bullets‘सवर्ण न्याय पदयात्रा’ के दौरान झड़प
जयपुर में, श्री राजपूत करणी सेना द्वारा नई यूजीसी गाइडलाइंस के विरोध में निकाली गई 'सवर्ण न्याय पदयात्रा' के दौरान पुलिस के साथ झड़प हो गई। बैरिकेड्स और पानी की बौछारों के बावजूद, कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने का प्रयास किया। बीकानेर के देशनोक से शुरू हुई यह यात्रा 24 दिनों में लगभग 600 किलोमीटर की दूरी तय कर जयपुर पहुंची थी।
मकराना ने पुलिस निलंबन की मांग की, CM आवास घेराव की…
श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की। मकराना ने कड़ी चेतावनी दी कि यदि कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो करणी सेना मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी और अपने आंदोलन को पूरे देश में फैलाएगी।
यूजीसी नियमों को बताया 'काला कानून'
महिपाल सिंह मकराना ने प्रस्तावित यूजीसी नियमों को 'काला कानून' बताते हुए कड़ी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि ये नियम सवर्ण समुदाय के छात्रों के भविष्य के लिए खतरा हैं और युवाओं को स्कूली शिक्षा के समय से ही अपराधी की श्रेणी में खड़ा कर सकते हैं। मकराना ने जोर देकर कहा कि समाज इन उपायों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा, जिससे छात्रों की संभावनाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
सवर्ण आवाज़ दबाने के आरोप
मकराना ने राजस्थान सरकार पर सवर्ण समुदाय की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, जिसमें एक बच्चे से संबंधित मामले पर लंबे समय से चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन का हवाला दिया गया। उन्होंने तर्क दिया कि प्रशासन का आचरण नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन करता है। मकराना ने चेतावनी दी कि सवर्ण युवाओं की आवाज़ दबाने के किसी भी प्रयास से संगठन इस आंदोलन को राष्ट्रव्यापी स्तर पर फैलाएगा।
सुरक्षा के बीच ज्ञापन सौंपा
भारी पुलिस बल और बाधाओं के बावजूद, करणी सेना के कार्यकर्ता सफलतापूर्वक जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रस्तावित यूजीसी नियमों को तत्काल वापस लेने और सवर्ण समुदाय के हितों की रक्षा की मांग की गई। मकराना की धमकी के बाद जयपुर में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
क्यों मायने रखता है
यह घटना नई शैक्षिक नीतियों को लेकर छात्र संगठनों और अधिकारियों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है, यदि इसे तुरंत संबोधित नहीं किया गया तो यह आगे चलकर व्यापक विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक अशांति का कारण बन सकती है। करणी सेना की संलिप्तता इस मुद्दे में एक सामाजिक आयाम भी जोड़ती है।
मुख्य तथ्य
- •Protest Location: Jaipur, Rajasthan
- •Organizing Body: Shri Rajput Karni Sena
- •Protest Reason: Proposed UGC guidelines and Savarna community demands
- •Journey Duration: 24 days, ~600 km barefoot padyatra
- •Leader's Demand: Suspend police officers involved in clashes
- •Threatened Action: Gherao of CM House, nationwide movement
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