जैसलमेर: जल संकट के बीच PHED के अहम पद खाली
जैसलमेर गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहा है, जो जलदाय विभाग (PHED) में कई तकनीकी पदों के रिक्त होने से और बढ़ गया है। अधीक्षण अभियंता और सहायक अभियंताओं सहित प्रमुख पद हालिया तबादलों के बाद भी खाली हैं। यह नेतृत्व का अभाव ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बाड़मेर लिफ्ट परियोजना से संबंधित बिजली संकट के कारण शहर में 5-8 दिनों के अंतराल पर पानी मिल रहा है। अधिकारियों की कमी से जल आपूर्ति की निगरानी और समन्वय पर चिंता बढ़ रही है, जिससे इस संवेदनशील अवधि के दौरान निर्णय लेने और क्षेत्रीय कार्यों पर असर पड़ सकता है।
AI सारांश
3 bulletsजैसलमेर में गहराता जल संकट
जैसलमेर वर्तमान में गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहा है, जो जलदाय विभाग (PHED) में कई रिक्त तकनीकी पदों के कारण और भी बदतर हो गया है। इस गंभीर कमी का मतलब है कि निवासियों को हर पांच से आठ दिनों में ही पानी मिल पा रहा है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है।
तबादलों के बाद अहम पद खाली
हालिया सरकारी तबादलों से जलदाय विभाग के कई महत्वपूर्ण पद खाली रह गए हैं। अधीक्षण अभियंता, कैलाशचंद मीणा का तबादला कर दिया गया है, लेकिन उनके स्थान पर कोई नया अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया। इसी तरह, सहायक अभियंता देवीलाल भील (जैसलमेर) और हरुराम (फतेहगढ़) को भी स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे उनके मूल पद खाली हो गए।
जल आपूर्ति निगरानी पर प्रभाव
जिले भर की जल प्रणालियों की देखरेख करने वाले अधीक्षण अभियंता और क्षेत्रीय कार्यों का प्रबंधन करने वाले सहायक अभियंताओं जैसे वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की अनुपस्थिति से निगरानी और समन्वय गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। यह नेतृत्व शून्य संकट के दौरान महत्वपूर्ण तकनीकी निर्णयों और जल आपूर्ति नेटवर्क के प्रभावी प्रबंधन को जटिल बनाता है।
बिजली संकट से जूझ रही बाड़मेर परियोजना
मौजूदा जल संकट बाड़मेर लिफ्ट परियोजना में उत्पादन संबंधी समस्याओं से और बढ़ गया है। इसके मोहनगढ़ हेडवर्क्स में बिजली संकट ने जिले में जल आपूर्ति को बाधित कर दिया है। यह पहले से ही संघर्षरत जल प्रबंधन प्रणाली पर और दबाव डालता है, जिससे प्रमुख कर्मियों की अनुपस्थिति अधिक तीव्रता से महसूस हो रही है।
अन्य डिवीजनों में नई नियुक्तियां
हालांकि कुछ प्रमुख पद अभी भी खाली हैं, सरकार ने जलदाय विभाग के अन्य डिवीजनों में बदलाव किए हैं। निरंजन मीणा की जगह अशोक मीणा को नगर खंड में नियुक्त किया गया है, जबकि नरेंद्र सिंह भाटी और प्रेमाराम को क्रमशः जिला खंड और परियोजना खंड में नियुक्त किया गया है।
क्यों मायने रखता है
जैसलमेर में जलदाय विभाग के तकनीकी पदों के खाली होने से गंभीर जल संकट का प्रभावी प्रबंधन बाधित हो रहा है, जिससे आपूर्ति और निगरानी में संभावित व्यवधान आ सकते हैं।
मुख्य तथ्य
- •City Facing: Severe drinking water crisis
- •Water Supply Interval: 5-8 days
- •Reason for Water Production Impact: Electricity crisis at Barmer Lift Project's Mohangarh Headworks
- •Vacant Posts: Superintending Engineer, Assistant Engineers
- •Previous Superintending Engineer: Kailashchand Meena (transferred)
- •Previous Assistant Engineer…: Devilal Bhil (transferred to Pokhran)
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