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ठाणे कोर्ट ने पुलिस पर हमले के 3 आरोपियों को बरी किया, शराबी कांस्टेबल का हवाला दिया

Briovo· 18 Jun 2026, 05:32 pm IST
ठाणे कोर्ट ने पुलिस पर हमले के 3 आरोपियों को बरी किया, शराबी कांस्टेबल का हवाला दिया

ठाणे की एक अदालत ने 2018 में एक पुलिस कांस्टेबल पर हमला करने और उसे धमकाने के आरोपी तीन लोगों को बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि जांच अधिकारी ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया था, जिसमें यह भी शामिल है कि शिकायतकर्ता कांस्टेबल घटना के दौरान नशे में था। मेडिकल साक्ष्य ने बचाव पक्ष के इस दावे का समर्थन किया कि कांस्टेबल बहुत नशे में और असंगत था। विरोधाभासों, ब्रेथलाइजर रिपोर्ट की कमी और आरोपियों की चोटों का स्पष्टीकरण न होने के कारण अभियोजन पक्ष की कहानी संदिग्ध मानी गई। यह फैसला इस मामले में पुलिस जांच की सत्यनिष्ठा पर सवाल उठाता है।

AI सारांश

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2018 के हमले के मामले में बरी

ठाणे की एक अदालत ने 2018 के एक मामले में तीन व्यक्तियों - मुजाराम उर्फ ​​रामभाऊ बापूराव येनकुरे, सुनील गणपत रोकड़े और बालू बापूराव येनकुरे - को बरी कर दिया। उन पर नवनाथ सदाशिव थोरवे नामक पुलिस कांस्टेबल पर हमला करने और उसे धमकाने का आरोप था। अदालत का फैसला बुधवार, 18 जून 2026 को सुनाया गया।

पुलिस कांस्टेबल नशे में पाया गया

मामले का एक महत्वपूर्ण मोड़ यह खुलासा था कि शिकायतकर्ता पुलिस कांस्टेबल, नवनाथ सदाशिव थोरवे, घटना के दौरान स्वयं भी बहुत नशे में था। चिकित्सा अधिकारी की गवाही ने उनके गंभीर नशे की पुष्टि की, जिससे वह असंगत और सवालों के जवाब देने में असमर्थ थे। इस तथ्य को कथित तौर पर जांच अधिकारी ने छिपाया था।

जांच की सत्यनिष्ठा पर सवाल

अदालत ने जांच की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जांच अधिकारी ने जानबूझकर अधूरी मेडिको-लीगल रिपोर्ट एकत्र की और कांस्टेबल के नशे को छिपाया। इन छिपे हुए तथ्यों और अन्य विसंगतियों के कारण अभियोजन पक्ष के पूरे वृत्तांत को संदिग्ध माना गया। न्यायाधीश ने कांस्टेबल द्वारा उन पर हमला करने के बचाव पक्ष के दावे को अधिक संभावित पाया।

साक्ष्यों में विसंगतियां

कई विसंगतियों ने अभियोजन पक्ष के मामले को कमजोर कर दिया। पुलिस ब्रेथलाइजर रिपोर्ट पेश करने में विफल रही, और आरोपियों को लगी चोटों का कोई स्पष्टीकरण नहीं था। इसके अलावा, चश्मदीदों की गवाहियों में विरोधाभास थे, जिससे अदालत को पूरा आरोप अत्यधिक अविश्वसनीय लगा।

क्यों मायने रखता है

यह मामला पुलिस जांच की सत्यनिष्ठा के साथ मुद्दों पर प्रकाश डालता है, जब शिकायतकर्ता के नशे में होने जैसे महत्वपूर्ण तथ्यों को कथित तौर पर छिपाया जाता है। यह न्याय के लिए गहन और निष्पक्ष कानूनी कार्यवाही के महत्व पर जोर देता है।

मुख्य तथ्य

  • Accused Acquitted: Muzaram alias Rambhau Bapurao Yenkure (40), Sunil Ganpat Rokade (40), and Balu Bapurao Yenkure (36)
  • Incident Year: 2018
  • Complaint: Assaulting and threatening a police constable
  • Court Finding: Investigating officer concealed fact of constable's intoxication
  • Medical Evidence: Complainant constable was severely intoxicated
  • Court Ruling Date: Wednesday, June 18, 2026

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