उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी की अमरनाथ अपील पर उठाए सवाल, जम्मू-कश्मीर के नेताओं के साथ…
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी की उस अपील का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने अमरनाथ यात्रियों से अपने यात्रा बजट का 10% स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने को कहा था। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि जब यात्रियों को बसों में "कैदियों" की तरह रखा जाता है, तो वे ऐसा कैसे कर पाएंगे, जिससे उनके घूमने और स्थानीय व्यवसायों को लाभ पहुंचाने पर प्रतिबंध लगता है। अब्दुल्ला ने भारत-पाकिस्तान वार्ता की वकालत करने वाले जम्मू-कश्मीर के नेताओं के साथ आरएसएस नेताओं की तुलना में अलग व्यवहार की भी आलोचना की, और पूर्व पीएम वाजपेयी के पड़ोसी संबंधों पर रुख का हवाला दिया। उन्होंने श्रीनगर हवाई अड्डे को बंद करने के प्रस्ताव को वापस लेने और जम्मू-कश्मीर के उत्पादों पर पंजाब के मंडी टैक्स हटाने की सराहना की।
AI सारांश
3 bulletsपीएम की अपील और अब्दुल्ला का पलटवार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ यात्रियों से अपने खर्च का कम से कम 10% स्थानीय कश्मीरी उत्पादों पर खर्च करने का आग्रह किया। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस भावना का स्वागत करते हुए इसकी व्यावहारिकता पर सवाल उठाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यात्रियों को अक्सर बसों तक ही सीमित रखा जाता है, जिससे वे स्थानीय बाजारों और विक्रेताओं के साथ स्वतंत्र रूप से जुड़ नहीं पाते हैं।
यात्रियों की आवाजाही पर प्रतिबंध
अब्दुल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान व्यवस्था, जहां यात्रियों को बसों के अंदर 'कैदियों' की तरह माना जाता है, स्थानीय अर्थव्यवस्था में उनके योगदान करने की क्षमता को बाधित करती है। उन्होंने तर्क दिया कि यात्रियों को घूमने की अधिक स्वतंत्रता देने से स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों, टट्टू मालिकों और छोटे व्यवसायों को सीधे लाभ होगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
भारत-पाकिस्तान वार्ता पर आलोचना
उमर अब्दुल्ला ने भारत-पाकिस्तान वार्ता की वकालत करने के लिए खुद और अपने पिता, फारूक अब्दुल्ला, को मिली सार्वजनिक और मीडिया की जांच पर भी बात की। उन्होंने आरएसएस नेताओं के इसी तरह के बयानों की प्रतिक्रिया के साथ इसकी तुलना की, जिसमें एक कथित दोहरा मापदंड उजागर हुआ। अब्दुल्ला ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के दर्शन का उल्लेख किया कि 'दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं', यह सवाल उठाते हुए कि जम्मू-कश्मीर के नेताओं को संवाद को बढ़ावा देने के लिए 'राष्ट्र-विरोधी' क्यों कहा जाता है।
कश्मीर पर्यटन और व्यापार को राहत
अब्दुल्ला ने सोमवार और मंगलवार को श्रीनगर हवाई अड्डे को बंद करने के प्रस्तावित फैसले को वापस लेने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राहत बताया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से आने वाले उत्पादों पर पंजाब के मंडी टैक्स को हटाने की भी सराहना की। अब्दुल्ला के अनुसार, यह कदम एक लंबे समय से चली आ रही अन्याय को ठीक करता है और क्षेत्रीय व्यापार के लिए एक सकारात्मक कदम है।
क्यों मायने रखता है
उमर अब्दुल्ला की टिप्पणियां जम्मू-कश्मीर में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने में जारी चुनौतियों, साथ ही भारत-पाकिस्तान संबंधों और क्षेत्रीय नेताओं के साथ व्यवहार से संबंधित राजनीतिक जटिलताओं पर प्रकाश डालती हैं। उनकी टिप्पणियां तीर्थयात्रियों और स्थानीय व्यवसायों के सामने आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों और राजनीतिक विमर्श में कथित दोहरे मापदंडों पर प्रकाश डालती हैं।
मुख्य तथ्य
- •PM Modi's Appeal: Spend 10% of Amarnath Yatra budget on local products.
- •Omar Abdullah's Criticism: Pilgrims confined to buses, restricting local spending.
- •India: Abdullah criticized scrutiny of J&K leaders advocating for talks, citing Vajpayee's view.
- •Srinagar Airport: Proposed closure rolled back, benefiting tourism.
- •Mandi Tax: Punjab removed mandi tax on J&K products.
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…