अभिषेक बनर्जी को आंख के इलाज के लिए विदेश यात्रा की SC से अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को तीन सप्ताह के लिए आंख के इलाज हेतु विदेश यात्रा करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को पलटता है, जिसने एक मेडिकल बोर्ड के मूल्यांकन का पालन न करने का हवाला देते हुए उन्हें अनुमति देने से इनकार कर दिया था। बनर्जी ने 5 अगस्त को हाई कोर्ट द्वारा उनके अनुरोध को खारिज करने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्हें पहले एक अन्य मामले में 6 अक्टूबर तक दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी गई थी, जिसमें अदालत की अनुमति के बिना विदेश यात्रा न करने की शर्त थी।
AI सारांश
3 bulletsSC ने विदेश में आंखों के इलाज की अनुमति दी
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को तीन सप्ताह के लिए आंख के इलाज के लिए विदेश यात्रा करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला सोमवार को आया, जिससे उन्हें विदेशों में आवश्यक चिकित्सा देखभाल प्राप्त करने की अनुमति मिल गई। यह निर्णय भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची और वी. मोहामा की पीठ ने लिया।
कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को पलटा
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश कलकत्ता हाई कोर्ट के पिछले फैसले को पलटता है, जिसने 5 अगस्त को बनर्जी के अनुरोध को खारिज कर दिया था। हाई कोर्ट ने राज्य संचालित एसएसकेएम अस्पताल में एक मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने की उनकी अनिच्छा को इनकार का कारण बताया था। उसने सुझाव दिया था कि यदि बनर्जी मूल्यांकन के लिए सहमत होते, तो उनकी याचिका पर विचार किया जा सकता था।
बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट में अपील
कलकत्ता हाई कोर्ट के इनकार के बाद, अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी। उनके वरिष्ठ अधिवक्ता, गोपाल शंकरनारायण ने आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति देने हेतु हाई कोर्ट के आदेश में संशोधन की मांग की। इस अपील के कारण सांसद के लिए अनुकूल परिणाम आया।
पिछली कानूनी पृष्ठभूमि और शर्तें
इससे पहले, कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक अलग मामले में अभिषेक बनर्जी को 6 अक्टूबर तक दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी थी। यह मामला प्रतिद्वंद्वी पार्टी के सदस्यों के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणियों से संबंधित था। उस राहत के हिस्से के रूप में, हाई कोर्ट ने चल रही जांच के दौरान उसकी अनुमति के बिना उन्हें विदेश यात्रा करने से रोक दिया था।
मेडिकल बोर्ड की भूमिका स्पष्ट
कलकत्ता हाई कोर्ट ने जोर देकर कहा था कि विदेशों में इलाज की आवश्यकता निर्धारित करने के लिए मेडिकल बोर्ड की राय महत्वपूर्ण थी। उसने कहा कि राज्य के चिकित्सा विशेषज्ञों के मूल्यांकन से अदालत को एक सूचित निर्णय लेने में मदद मिलती। हालांकि, बनर्जी ने इस बोर्ड के सामने पेश होने से इनकार कर दिया।
क्यों मायने रखता है
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला निचली अदालत के आदेश को दरकिनार करता है, जिससे एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती को पिछली कानूनी बाधाओं के बावजूद विदेश में चिकित्सा उपचार प्राप्त करने की अनुमति मिलती है। यह व्यक्तिगत अधिकारों और कानूनी दायित्वों को संतुलित करने में न्यायपालिका की भूमिका पर प्रकाश डालता है।
मुख्य तथ्य
- •Granted Permission By: Supreme Court
- •Individual: Abhishek Banerjee, Trinamool Congress MP
- •Purpose of Travel: Eye treatment
- •Duration of Travel: 3 weeks
- •Overturned Decision: Calcutta High Court's refusal (August 5)
- •High Court's Reason for Refusal: Non-compliance with medical board appearance
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