सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता ने फेंके कागज़, दीं गालियां
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान, इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दे रहे एक याचिकाकर्ता ने पीठ के साथ दुर्व्यवहार किया, एक न्यायाधीश को "न्यायिक सेवक" कहा और उनसे एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने की मांग की। इसके बाद उसने अपने कानूनी कागजात हवा में उछाल दिए। सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत हटा दिया। जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और आलोक अराधे की पीठ शांत रही और याचिकाकर्ता की "स्थिति" को देखते हुए कोई कार्रवाई न करने का फैसला किया, और उसकी याचिका खारिज कर दी। यह घटना अक्टूबर 2025 में हुई, जब एक वकील ने एक न्यायाधीश पर जूता फेंकने का प्रयास किया था, वैसी ही एक और घटना है।
AI सारांश
3 bulletsसुप्रीम कोर्ट में हंगामा
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता ने हंगामा खड़ा कर दिया। उसने पीठ के साथ मौखिक दुर्व्यवहार किया और कानूनी कागजात हवा में उछाल दिए। उसने एक न्यायाधीश को "न्यायिक सेवक" कहा और एक एसीपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
पीठ ने बनाए रखी शांति
यह घटना जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और आलोक अराधे की खंडपीठ के समक्ष हुई। याचिकाकर्ता के टकराव भरे लहजे और हरकतों के बावजूद, पीठ शांत रही और कार्यवाही जारी रखने दी।
याचिकाकर्ता को हटाया गया, कोई कार्रवाई नहीं
एक सुरक्षाकर्मी ने तुरंत हस्तक्षेप किया और याचिकाकर्ता को अदालत कक्ष से हटा दिया। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अंततः याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का फैसला किया, उसकी "स्थिति" का हवाला देते हुए, और उसकी याचिका खारिज कर दी।
पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं
यह घटना कोई अकेली नहीं है; अक्टूबर 2025 में भी एक ऐसी ही घटना हुई थी, जब एक वकील ने अदालत की कार्यवाही के दौरान पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की थी। उस मामले में वकील को निलंबित कर दिया गया था और उसकी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी, हालांकि बाद में तत्कालीन न्यायाधीश गवई ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न करने पर जोर दिया था।
क्यों मायने रखता है
यह घटना न्यायिक कार्यवाही में शालीनता और सम्मान के बारे में बढ़ती चिंताओं को उजागर करती है, जिससे इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि न्यायपालिका ऐसे अनियंत्रित व्यवहार को कैसे संभालती है और अदालतों की पवित्रता सुनिश्चित करती है।
मुख्य तथ्य
- •Incident Date: Friday
- •Court: Supreme Court of India
- •Judges: Justices K.V. Viswanathan and Alok Aradhe
- •Litigant's Action: Hurtled abuses, threw legal papers
- •Court's Response: No action taken due to litigant's 'condition', petition dismissed
- •Similar Incident: October 2025, advocate tried to throw shoe at Chief Justice B.R. Gavai
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