मेसी की टीम ने कोलकाता कार्यक्रम की अव्यवस्था के लिए पूर्व मंत्री को ठहराया जिम्मेदार
लियोनेल मेसी के कार्यालय ने कोलकाता पुलिस को पत्र लिखकर कहा है कि उनके 2025 के कोलकाता कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था का कारण पूर्व पश्चिम बंगाल खेल मंत्री अरूप विश्वास और अन्य द्वारा प्रोटोकॉल उल्लंघन और सुरक्षा चूक थी, न कि प्रमोटर। 17 जून को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि मेसी का जल्दी प्रस्थान अनधिकृत व्यक्तियों, जिनमें मंत्री भी शामिल थे, द्वारा नियोजित गतिविधियों को बाधित करने और सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाने का प्रत्यक्ष परिणाम था। प्रमोटर, सताद्रु दत्ता, जिन्हें पहले कुप्रबंधन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, का दावा है कि मेसी के सलाहकारों ने विश्वास की कथित भूमिका के बारे में पुलिस को सूचित किया था। यह संचार पूर्व मंत्री के खिलाफ दत्ता की शिकायत की चल रही पुलिस जांच के बीच आया है।
AI सारांश
3 bulletsमेसी की टीम ने प्रमोटर को बरी किया
लियोनेल मेसी के कार्यालय ने कोलकाता पुलिस से औपचारिक रूप से संपर्क किया है, यह स्पष्ट करते हुए कि दिसंबर 2025 में हुए 'द GOAT इंडिया टूर' कार्यक्रम में हुई गड़बड़ी के लिए इवेंट प्रमोटर सताद्रु दत्ता जिम्मेदार नहीं थे। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कार्यक्रम को समय से पहले समाप्त करने का निर्णय दत्ता के नियंत्रण से बाहर था। इस संचार का उद्देश्य घटना के आयोजक से दोष अन्य पक्षों पर स्थानांतरित करना है।
पूर्व मंत्री पर दोषारोपण
मेसी के कार्यालय से आए पत्र में गड़बड़ी का सीधा आरोप पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास द्वारा कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन और सुरक्षा व्यवस्था पर लगाया गया है। इसमें दावा किया गया है कि बिस्वास और अन्य अनधिकृत व्यक्तियों ने सहमत सुरक्षा योजना को बाधित किया। इस कथित हस्तक्षेप के कारण साल्ट लेक स्टेडियम में माहौल बिगड़ गया।
सुरक्षा उल्लंघनों का विवरण
संचार में विशिष्ट सुरक्षा चूकों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें प्रोटोकॉल के बावजूद तत्कालीन खेल मंत्री का मैदान में प्रवेश शामिल है, जो गणमान्य व्यक्तियों को पिच पर जाने से प्रतिबंधित करता था। इसमें प्रतिबंधित क्षेत्रों में लगभग 40 अनाधिकृत फोटोग्राफरों और व्यक्तियों की उपस्थिति का भी आरोप है। इन उल्लंघनों से मेसी की सुरक्षा, आराम और व्यक्तिगत स्थान के संबंध में चिंताएं पैदा हुईं, जिससे नियोजित गतिविधियों को जारी रखना असंभव हो गया।
प्रमोटर की पिछली गिरफ्तारी और आरोप
इवेंट प्रमोटर सताद्रु दत्ता को दिसंबर 2025 की घटना से संबंधित कुप्रबंधन के आरोप में पहले गिरफ्तार किया गया था और जमानत पर रिहा होने से पहले एक महीने से अधिक समय तक जेल में रहे। दत्ता का कहना है कि मेसी के सलाहकारों ने बाधित करने में पूर्व खेल मंत्री की कथित संलिप्तता के बारे में पुलिस को बार-बार सूचित किया था। यह ऐतिहासिक संदर्भ घटना के चल रहे कानूनी और जांच पहलुओं को रेखांकित करता है।
पुलिस जांच जारी
कोलकाता पुलिस वर्तमान में घटना के संबंध में पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के खिलाफ सताद्रु दत्ता द्वारा दायर शिकायत की जांच कर रही है। मेसी की टीम ने भी यदि आवश्यक हो तो जांचकर्ताओं को अतिरिक्त जानकारी प्रदान करने की इच्छा व्यक्त की है। यह दर्शाता है कि गड़बड़ी के लिए पूर्ण जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कानूनी कार्यवाही और तथ्य-खोज के प्रयास अभी भी सक्रिय हैं।
क्यों मायने रखता है
यह घटना अंतरराष्ट्रीय हस्तियों से जुड़े हाई-प्रोफाइल सार्वजनिक आयोजनों के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों को उजागर करती है, विशेष रूप से वीआईपी पहुंच और सुरक्षा प्रोटोकॉल के संबंध में। यह सार्वजनिक आयोजनों में राजनीतिक हस्तक्षेप और जवाबदेही के संभावित मुद्दों को भी सामने लाती है।
मुख्य तथ्य
- •Incident Date: December 2025
- •Email Date: June 17, 2026
- •Blamed Party: Former West Bengal Sports Minister Aroop Biswas and others
- •Event Duration Shortened To: 20 minutes (from 1 hour planned)
- •Promoter Arrested: Satadru Dutta (later released on bail)
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