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6 महीने के नोटिस पर एक साथ चुनाव कराने को तैयार चुनाव आयोग: JPC चेयरमैन

Briovo· 15 Jul 2026, 11:45 pm IST
6 महीने के नोटिस पर एक साथ चुनाव कराने को तैयार चुनाव आयोग: JPC चेयरमैन

चुनाव आयोग (EC) ने संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को सूचित किया है कि छह महीने का अग्रिम नोटिस मिलने पर वह लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए तैयार है। यह जानकारी 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर तेज हुई बहस के बीच आई है। जेपीसी अध्यक्ष पी.पी. चौधरी ने बताया कि अगर संसद 2028 तक संबंधित कानून पारित कर देती है, तो चुनाव आयोग 2029 से इसे लागू कर पाएगा। इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है। जेपीसी इस चुनावी सुधार पर अंतिम सिफारिशें देने से पहले चुनाव आयोग और संवैधानिक विशेषज्ञों से आगे परामर्श करेगी।

AI सारांश

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चुनाव आयोग की सशर्त तैयारी

चुनाव आयोग ने संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की अपनी प्रारंभिक तैयारी से अवगत कराया है। यह छह महीने के अग्रिम नोटिस पर संभव होगा, ताकि आयोग तैयारी और रसद व्यवस्था कर सके।

जेपीसी की परामर्श बैठकें संपन्न

जेपीसी के अध्यक्ष पी.पी. चौधरी ने लखनऊ में शिक्षाविदों के साथ तीन दिवसीय परामर्श बैठक के समापन के बाद इस बात की जानकारी दी। समिति 'वन नेशन, वन इलेक्शन' प्रस्ताव की व्यवहार्यता और निहितार्थों पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है, और विभिन्न हितधारकों से जानकारी एकत्र कर रही है।

प्रस्तावित समय-सीमा और पीएम का विजन

चौधरी के अनुसार, चुनाव आयोग का मानना है कि यदि संसद 2028 तक आवश्यक कानून पारित कर देती है, तो 2029 से एक साथ चुनाव शुरू हो सकते हैं। उन्होंने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी सुधार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण की पूर्ति बताया।

विशेषज्ञों की राय और जन समर्थन

संवैधानिक विशेषज्ञों ने समिति के समक्ष अपनी राय प्रस्तुत की है, जिसमें कहा गया है कि यह प्रस्ताव संविधान, संघवाद या लोकतंत्र की मूल संरचना का उल्लंघन नहीं करता है। इसके अतिरिक्त, चौधरी ने दावा किया कि इस पहल को नागरिक समाज और आम लोगों से व्यापक समर्थन मिल रहा है, जो सुधार पर व्यापक सहमति का संकेत है।

ऐतिहासिक मिसाल और मतदाता जागरूकता

चौधरी ने याद दिलाया कि भारत में 1954 से 1960 के बीच मतपत्रों का उपयोग करके लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए गए थे। उन्होंने भारतीय मतदाताओं की राजनीतिक जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि वे सूचित निर्णय लेने में सक्षम हैं, जो भारत के लोकतंत्र की ताकत को रेखांकित करता है।

क्यों मायने रखता है

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लागू करने से भारत के चुनावी परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है, जिससे चुनाव लागत और प्रशासनिक बोझ कम हो सकता है। साथ ही, इससे क्षेत्रीय दलों के प्रभाव और मतदाताओं के फोकस पर चिंताएं भी बढ़ सकती हैं।

मुख्य तथ्य

  • EC's Readiness: Election Commission ready for 'One Nation, One Election' with 6-month notice.
  • JPC Chairman: P.P. Chaudhary made the announcement after a consultation meeting in Lucknow.
  • Implementation Timeline: EC can implement simultaneous polls from 2029 if Parliament passes law by 2028.
  • Historical Precedent: Lok Sabha and Assembly elections were held simultaneously with ballot papers between 1954 and 1960.
  • PM's Vision: JPC Chairman called the proposal Prime Minister Narendra Modi's vision.
  • Constitutional Validity: Experts believe the proposal does not violate the Constitution, federalism, or basic democratic structure.

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