DoPT ने बदले पदोन्नति आरक्षण हटाने के नियम, अब 1 महीने का इंतजार
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने केंद्र सरकार में पदोन्नति के लिए आरक्षित रिक्तियों को गैर-आरक्षित करने के नियमों में संशोधन किया है। अब मंत्रालयों और विभागों को आरक्षित पदोन्नति पदों को गैर-आरक्षित करने से पहले DoPT और संबंधित संवैधानिक आयोगों से टिप्पणियों के लिए दो सप्ताह के बजाय एक महीने इंतजार करना होगा। यह परिवर्तन पदोन्नति में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित रिक्तियों पर लागू होता है। यह निर्णय SC, ST के लिए राष्ट्रीय आयोगों और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के परामर्श के बाद लिया गया। यदि एक महीने के भीतर टिप्पणियां प्राप्त होती हैं, तो अंतिम निर्णय लेने से पहले उन पर विचार किया जाना चाहिए।
AI सारांश
3 bulletsDoPT ने बदले आरक्षण हटाने के नियम
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने हाल ही में केंद्र सरकार के भीतर पदोन्नति रिक्तियों के आरक्षण को हटाने वाले मौजूदा नियमों में संशोधन की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक परिवर्तन का उद्देश्य उचित परिश्रम सुनिश्चित करते हुए प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है।
प्रतिक्रिया के लिए बढ़ी प्रतीक्षा अवधि
पहले, मंत्रालयों और विभागों के पास ऐसी रिक्तियों को गैर-आरक्षित करने का निर्णय लेने के लिए दो सप्ताह का समय होता था। संशोधित दिशानिर्देशों के तहत, यह प्रतीक्षा अवधि एक महीने तक बढ़ा दी गई है। यह अतिरिक्त समय DoPT और संबंधित संवैधानिक आयोगों से टिप्पणियां और प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए है।
राष्ट्रीय आयोगों से परामर्श
यह संशोधन विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित पदोन्नति कोटे पर लागू होता है। प्रतीक्षा अवधि बढ़ाने का निर्णय राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC), राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के परामर्श से लिया गया था।
प्राप्त टिप्पणियों पर विचार
यदि निर्धारित एक महीने की अवधि के भीतर DoPT या संबंधित आयोगों से कोई टिप्पणी या अवलोकन प्राप्त होता है, तो प्रशासनिक मंत्रालय या विभाग को गैर-आरक्षण पर अंतिम निर्णय लेने से पहले इन टिप्पणियों पर विधिवत विचार करना अनिवार्य है। यह एक व्यापक समीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करता है।
गैर-आरक्षण की शर्तें
पदोन्नति रिक्तियों को गैर-आरक्षित करने का अधिकार प्रशासनिक मंत्रालयों और विभागों के पास है, लेकिन यह कुछ शर्तों के अधीन है। इनमें विचार क्षेत्र या विस्तारित क्षेत्र के भीतर आरक्षित श्रेणी से किसी उम्मीदवार की अनुपलब्धता, संपर्क अधिकारी की सहमति और संबंधित संयुक्त सचिव की मंजूरी शामिल है।
क्यों मायने रखता है
नियमों में यह बदलाव केंद्र सरकार में आरक्षित पदोन्नति रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया को प्रभावित करेगा, जिससे पदोन्नति की समय-सीमा और एससी/एसटी समुदायों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है।
मुख्य तथ्य
- •Old Waiting Period: 2 weeks
- •New Waiting Period: 1 month
- •Applicable to: Promotion vacancies for SC/ST
- •Consultation bodies: DoPT, NCSC, NCST, NCBC, Ministry of Social Justice
- •Authority to de-reserve: Administrative Ministries/Departments with conditions
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