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पुणे फायरिंग: महाराष्ट्र पुलिस की जांच श्रीगंगानगर तक पहुँची

Briovo· 03 Jul 2026, 09:58 am IST
पुणे फायरिंग: महाराष्ट्र पुलिस की जांच श्रीगंगानगर तक पहुँची

महाराष्ट्र पुलिस ने पुणे के एक फर्नीचर मॉल में हुई सनसनीखेज गोलीबारी की घटना की जांच राजस्थान के श्रीगंगानगर तक बढ़ा दी है। वे दो संदिग्ध निशानेबाजों की तलाश कर रहे हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि वे 16 मई की घटना से पहले श्रीगंगानगर में रुके थे। गोलीबारी में पांच से छह राउंड फायर किए गए थे, जिससे संपत्ति को नुकसान हुआ लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की संलिप्तता संदिग्ध है, और अधिकारी केंद्रीय जेल में बंद व्यक्तियों से पूछताछ सहित उनकी संभावित भूमिका की जांच कर रहे हैं। बिश्नोई गिरोह के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने और एक कथित व्यवसायी को धमकी देने वाले सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच की जा रही है।

AI सारांश

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पुणे फायरिंग जांच श्रीगंगानगर तक पहुँची

महाराष्ट्र के पुणे में एक फर्नीचर मॉल में हुई सनसनीखेज गोलीबारी की घटना की जांच अब राजस्थान के श्रीगंगानगर तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र पुलिस सक्रिय रूप से दो संदिग्ध निशानेबाजों की तलाश कर रही है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे इस हमले में शामिल थे। इन संदिग्धों के घटना से पहले कुछ समय के लिए श्रीगंगानगर में रुकने की खबर है।

घटना का विवरण और नुकसान

16 मई को पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में एजे फर्नीचर मॉल पर मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने पांच से छह राउंड फायरिंग की। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मॉल के शीशे और अन्य संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा। हमलावर घटना के तुरंत बाद घटनास्थल से फरार हो गए।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग संदेह के घेरे में

प्रारंभिक जांच में पुणे गोलीबारी मामले में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की संभावित संलिप्तता का संकेत मिला है। पुलिस अधिकारियों ने खुफिया जानकारी और प्रतिक्रिया जुटाने के लिए श्रीगंगानगर की केंद्रीय जेल का दौरा किया है, क्योंकि गिरोह के कुछ पूर्व सदस्य वहां बंद हैं। अधिकारी संभावित कड़ियों और उद्देश्यों की छानबीन कर रहे हैं।

सोशल मीडिया दावे और जबरन वसूली की धमकी

गोलीबारी के बाद, एक सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो संदेश वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से जिम्मेदारी का दावा किया गया था। इस पोस्ट में एक व्यवसायी को चेतावनी भी दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि गोलीबारी एक 'ट्रेलर' है और आगे हिंसा की धमकी दी गई थी। इसके अलावा, पुणे में एक स्टील व्यवसायी ने एक अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से जबरन वसूली के प्रयास की सूचना दी, जिसमें कथित तौर पर एक बिश्नोई गिरोह के सदस्य ने करोड़ों रुपये की मांग की थी, जिसके बाद उसके कार्यालय में गोलीबारी की घटना हुई।

चल रही जांच और अंतर-राज्यीय समन्वय

महाराष्ट्र पुलिस अपराधियों की पहचान करने और उनके ठिकानों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का उपयोग कर रही है। इस तकनीकी विश्लेषण के दौरान श्रीगंगानगर कनेक्शन सामने आया, जिससे एक संयुक्त जांच शुरू हुई। श्रीगंगानगर एसपी हरिशंकर ने पुणे पुलिस टीम की उपस्थिति और जिले में संदिग्धों के ठहरने की चल रही जांच की पुष्टि की।

क्यों मायने रखता है

पुणे गोलीबारी मामले की जांच ने राजस्थान के श्रीगंगानगर से संभावित संबंध का खुलासा किया है, जिससे पता चलता है कि संगठित अपराध नेटवर्क अंतर-राज्यीय सीमाओं पर सक्रिय हो सकते हैं। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की कथित संलिप्तता, जो जबरन वसूली और हिंसा के लिए जाना जाता है, गैंगस्टर गतिविधियों के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। यह मामला अंतर-राज्यीय पुलिस सहयोग और ऐसे आपराधिक तत्वों के खिलाफ सतर्कता की आवश्यकता पर जोर देता है, जो व्यापार सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा को प्रभावित करता है।

मुख्य तथ्य

  • Incident Date: May 16
  • Location of Firing: Pune, Pimpri-Chinchwad, AJ Furniture Mall
  • Suspected Shooters: Two
  • Police Involvement: Maharashtra Police investigating in Sri Ganganagar
  • Gang Suspected: Lawrence Bishnoi Gang
  • Casualties: None

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