विदेश मंत्री जयशंकर: पासपोर्ट अब हर भारतीय का अधिकार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने घोषणा की है कि भारत में पासपोर्ट सेवाएं अब पूरी तरह से लोकतांत्रिक और सुलभ हो गई हैं, वित्त वर्ष 2025-26 में 138 लाख से अधिक पासपोर्ट जारी किए गए। उन्होंने बताया कि पासपोर्ट अब एक विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक मौलिक अधिकार है, जो विकसित भारत के लिए आर्थिक प्रगति और अंतर्राष्ट्रीय अवसरों को बढ़ावा दे रहा है। भारतीय प्रतिभा की वैश्विक मांग में वृद्धि पासपोर्ट की वैश्विक गतिशीलता के लिए एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में भूमिका को रेखांकित करती है। पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या 2014 में 77 से बढ़कर 545 से अधिक हो गई है, साथ ही 454 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र भी हैं, जिससे यह सेवा पूरे देश में अधिक व्यापक और कुशल हो गई है।
AI सारांश
3 bulletsपासपोर्ट: विशेषाधिकार से अधिकार तक
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में घोषणा की है कि भारत में पासपोर्ट सेवाएं विशेषाधिकार से हर नागरिक के मौलिक अधिकार में बदल गई हैं। उन्होंने जोर दिया कि व्यवस्था का लोकतंत्रीकरण किया गया है और इसे पूरे देश में काफी अधिक सुलभ बनाया गया है। यह बदलाव नागरिकों को वैश्विक गतिशीलता के साथ सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
पासपोर्ट जारी करने में वृद्धि
वित्तीय वर्ष 2025-26 में, भारत ने 138 लाख से अधिक पासपोर्ट जारी किए, जो भारतीयों की बढ़ती आकांक्षाओं का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। यह बड़ी संख्या भारतीय प्रतिभा की बढ़ती वैश्विक मांग और नागरिकों की अंतर्राष्ट्रीय अवसरों का पता लगाने की इच्छा को दर्शाती है। पासपोर्ट को अब आर्थिक प्रगति और विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में देखा जाता है।
पासपोर्ट सेवाओं तक विस्तारित पहुंच
पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीएसके) के नेटवर्क में नाटकीय विस्तार देखा गया है, जो 2014 में केवल 77 केंद्रों से बढ़कर वर्तमान में 545 से अधिक हो गया है। इसके अतिरिक्त, 454 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे पहुंच में काफी सुधार हुआ है, खासकर छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों में। यह व्यापक नेटवर्क यह सुनिश्चित करता है कि बड़ी आबादी के लिए पासपोर्ट आवेदन सुविधाजनक हो।
बढ़ी हुई वैश्विक पहचान
विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि भारत की विदेश नीति ने देश की 'विश्व बंधु' (दुनिया का दोस्त) के रूप में प्रतिष्ठा को बढ़ाया है, जिससे भारतीय पासपोर्ट की विश्वसनीयता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारतीय पासपोर्ट को अब विश्व के कई देशों में सम्मान और विश्वास के साथ देखा जाता है। यह बढ़ी हुई पहचान अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारतीय नागरिकों को और सशक्त बनाती है।
क्यों मायने रखता है
पासपोर्ट सेवाओं का विशेषाधिकार से अधिकार में बदलना नागरिकों तक आसान पहुंच के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और उनकी वैश्विक आकांक्षाओं व आर्थिक योगदान को सुविधाजनक बनाता है।
मुख्य तथ्य
- •Passports Issued FY 2025-26: 138 lakh+
- •Passport Seva Kendras (2014): 77
- •Passport Seva Kendras (Current): 545+
- •Post Office Passport Seva Kendras: 454
- •Nature of Passport Service: Democratic and Accessible
- •Role of Passport: Economic progress, international opportunities
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