जैसलमेर में ₹150 करोड़ की संपत्ति रजिस्ट्री जब्त
आयकर विभाग ने राजस्थान के जैसलमेर में ₹150 करोड़ से अधिक की संपत्ति पंजीकरण दस्तावेज़ जब्त किए हैं। यह कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्रों में काले धन के संदिग्ध लेनदेन की जांच के तहत की गई है। कई सौदों में पैन नंबर गायब थे और महंगी संपत्तियों के लिए बड़ी नकद भुगतान किए गए थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया है, जिसमें राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध निर्माण और संदिग्ध संपत्ति सौदों की जांच का निर्देश दिया गया था। आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विंग ने जैसलमेर और श्रीगंगानगर में सर्वेक्षण कर 170 संदिग्ध फाइलों की एक्सेल शीट तैयार की है।
AI सारांश
3 bulletsजैसलमेर में ज़मीन सौदों की ज़ब्ती
आयकर विभाग ने जैसलमेर से ₹150 करोड़ से अधिक मूल्य के संपत्ति पंजीकरण दस्तावेज़ जब्त किए हैं। यह बड़ी कार्रवाई राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में भूमि सौदों में काले धन की संदिग्ध संलिप्तता की चल रही जांच का एक हिस्सा है। विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विंग ने कथित वित्तीय अनियमितताओं को निशाना बनाते हुए इस अभियान का नेतृत्व किया।
अनियमितताओं का पर्दाफ़ाश
जांच के दौरान, भूमि लेनदेन के दस्तावेजों में कई महत्वपूर्ण विसंगतियाँ पाई गईं। एक प्रमुख खोज विभिन्न सौदों में पैन नंबरों की अनुपस्थिति थी, साथ ही महंगी संपत्तियों के लिए ₹2 लाख से ₹50 लाख तक के नकद भुगतानों का व्यापक उपयोग। ये अनियमितताएं कर चोरी और अवैध वित्तीय संचालन को छिपाने के संभावित प्रयासों का संकेत देती हैं।
केंद्र सरकार के निर्देश पर कार्रवाई
यह व्यापक जांच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्पष्ट निर्देशों के बाद शुरू की गई थी। 26 मई को बीकानेर दौरे के दौरान, शाह ने राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध निर्माण, काले धन और संदिग्ध संपत्ति सौदों की व्यापक जांच की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया था। यह संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
जांच का दायरा और भविष्य
इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विंग ने जैसलमेर और श्रीगंगानगर में रजिस्ट्रार कार्यालयों में औचक सर्वेक्षण किए, जिसमें 170 संदिग्ध फाइलों की एक एक्सेल शीट तैयार की गई। विस्तृत रिपोर्ट आगे के विश्लेषण और कार्रवाई के लिए जयपुर मुख्यालय को भेजी जाएगी। जांच का यह प्रारंभिक चरण 1 अप्रैल, 2024 और 31 मार्च, 2026 के बीच के लेनदेन को कवर करता है, जिसमें संपत्ति पंजीकरण में विसंगतियों को लक्षित किया गया है।
क्यों मायने रखता है
यह जांच संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में काले धन और अवैध संपत्ति लेनदेन पर अंकुश लगाने के सरकारी प्रयासों को उजागर करती है, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता और राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना है। यह निष्कर्ष संपत्ति पंजीकरण प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण सुधारों और अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन का कारण बन सकता है।
मुख्य तथ्य
- •Seized Value: ₹150+ crore
- •Location: Jaisalmer, Rajasthan
- •Investigating Agency: Income Tax Department (Intelligence & Criminal Investigation Wing)
- •Number of Suspicious Files: 170
- •Prime Irregularity: Missing PAN numbers, large cash payments
- •Initiated By: Union Home Minister Amit Shah's directives
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