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आदित्य ठाकरे ने बागी शिवसेना (यूबीटी) सांसदों को बताया "बेशरम"

Briovo· 19 Jun 2026, 04:30 pm IST
आदित्य ठाकरे ने बागी शिवसेना (यूबीटी) सांसदों को बताया "बेशरम"

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने छह बागी लोकसभा सांसदों की कड़ी आलोचना की है, उन्हें 2024 के चुनाव जीतने में मदद करने वाली पार्टी को कथित तौर पर धोखा देने के लिए "बेशरम, कृतघ्न और भ्रष्ट" बताया है। यह शिवसेना (यूबीटी) में दूसरे विभाजन की अटकलों के बीच आया है क्योंकि सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की अफवाह है। ठाकरे की टिप्पणी, जो पार्टी के 60वें स्थापना दिवस पर की गई थी, ने "गंदी राजनीति" पर प्रकाश डाला और दावा किया कि बागी नेताओं ने "खुद को बेच दिया था।" इस बीच, संजय राउत ने केंद्रीय मंत्री पदों को लेकर बागी सांसदों के बीच असहमति का आरोप लगाया, जिसमें उन लोगों के लिए ₹25 करोड़ का कथित समझौता शामिल था जिन्हें नहीं चुना गया था।

AI सारांश

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ठाकरे ने बागी सांसदों पर साधा निशाना

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने अपनी पार्टी के छह बागी लोकसभा सांसदों पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने उन्हें "बेशरम, कृतघ्न और भ्रष्ट व्यक्ति" करार दिया है, जिन्होंने उस पार्टी को धोखा दिया जिसने 2024 के लोकसभा चुनावों में उनकी जीत सुनिश्चित की थी। ठाकरे के कड़े शब्द शिवसेना (यूबीटी) गुट के भीतर संभावित दूसरे विभाजन की बढ़ती अटकलों के बीच आए।

ऑपरेशन टाइगर: कथित दलबदल

कथित विद्रोह, जिसे 'ऑपरेशन टाइगर' नाम दिया गया है, में छह सेना (यूबीटी) सांसद शामिल हैं: संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-अष्टिकर और ओमप्रकाश राजे निंबालकर। ये सांसद कथित तौर पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। यह कदम महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदल सकता है।

60वें स्थापना दिवस पर टिप्पणी

आदित्य ठाकरे की कड़ी निंदा शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस के साथ हुई। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ऐसी "गंदी राजनीति" को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल उनकी पार्टी का प्रतीक, 'मशाल', इस कथित राजनीतिक अंधेरे में रोशनी ला सकता है, पार्टी के वफादारों से दृढ़ रहने का आग्रह किया।

संजय राउत के वित्तीय आरोप

सेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया कि मंत्री पद को लेकर बागी सांसदों के बीच आंतरिक असहमति थी। राउत ने आरोप लगाया कि एक समझौता हो गया था जिसमें केंद्रीय मंत्री नहीं बनाए गए सांसदों को अतिरिक्त ₹25 करोड़ मिलेंगे। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा बागी सांसदों को वाई-प्लस सुरक्षा प्रदान करने की भी आलोचना की, इसे सार्वजनिक धन की बर्बादी बताया।

क्यों मायने रखता है

शिवसेना (यूबीटी) से छह लोकसभा सांसदों के संभावित दलबदल से महाराष्ट्र में एक बड़ा राजनीतिक उथल-पुथल हो सकता है, जिससे उद्धव ठाकरे गुट और कमजोर हो सकता है और भविष्य के चुनावों से पहले एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना मजबूत हो सकती है। यह आंतरिक कलह शिवसेना के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष को उजागर करती है।

मुख्य तथ्य

  • Criticism Source: Aaditya Thackeray, Shiv Sena (UBT) leader
  • Accused MPs: Six dissident Shiv Sena (UBT) Lok Sabha MPs
  • Allegation: Being 'shameless, ungrateful, and corrupt' for betraying the party
  • Alleged Destination: Ruling Shiv Sena led by Eknath Shinde
  • Context: Party's 60th foundation day
  • Financial Allegation: ₹25 crore settlement for non-ministerial rebel MPs

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