तमिलनाडु पेरंदूर की जगह नए हवाई अड्डे स्थल पर कर रहा विचार
तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन और कानून मंत्री, आर. निर्मलकुमार ने घोषणा की कि सरकार चेन्नई के पास प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए वैकल्पिक स्थलों की तलाश करेगी, जिससे पेरंदूर योजना को छोड़ा जा सकता है। यह कदम मुख्यमंत्री, उस समय टीवीके अध्यक्ष, एम.के. स्टालिन के जल निकायों और कृषि योग्य भूमि के विनाश पर विरोध प्रदर्शनों के बाद आया है। जबकि सरकार विकास के खिलाफ नहीं है, इसका उद्देश्य पर्यावरणीय क्षति से बचने वाले स्थल का पता लगाना है। 2022 में घोषित पेरंदूर परियोजना ने पहले ही 1,700 एकड़ भूमि अधिग्रहित कर ली थी, जिससे उद्योग जगत के नेताओं को संभावित झटकों और स्थल परिवर्तन के कारण होने वाली देरी के बारे में चिंता हो रही है।
AI सारांश
3 bulletsवैकल्पिक स्थल की तलाश
तमिलनाडु के कानून मंत्री आर. निर्मलकुमार ने कहा कि सरकार चेन्नई ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए एक नया स्थान खोजने के लिए विशेषज्ञ सलाह लेगी। यह कदम पहले से नियोजित पेरंदूर स्थल से संभावित बदलाव का सुझाव देता है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार विकास के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक ऐसा समाधान चाहती है जो महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करे। यह फैसला मुख्यमंत्री के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा।
पेरंदूर परियोजना की पृष्ठभूमि
पेरंदूर हवाई अड्डा परियोजना की घोषणा शुरू में 2022 में द्रमुक सरकार द्वारा की गई थी, जिसमें लगभग 1,700 एकड़ भूमि पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी थी। इस स्थल को साइट क्लीयरेंस और सैद्धांतिक मंजूरी दोनों मिल गई थी, जो महत्वपूर्ण प्रगति का संकेत है। हालांकि, वर्तमान सरकार का पुनर्विचार पर्यावरणीय प्रभाव और कृषि भूमि विस्थापन को लेकर चिंताओं से उपजा है।
पर्यावरण संबंधी चिंताओं से पुनर्मूल्यांकन
तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) ने पहले पेरंदूर परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया था, जिसमें जल निकायों और कृषि योग्य भूमि के विनाश का हवाला दिया गया था। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, तब टीवीके अध्यक्ष, इन जमीनी स्तर के विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल थे। वर्तमान सरकार का रुख विकासात्मक लक्ष्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उद्योग ने देरी और झटकों की चेतावनी दी
सदर्न इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसआईसीसीआई) सहित उद्योग जगत के नेताओं ने सरकार से पेरंदूर परियोजना को छोड़ने के खिलाफ आग्रह किया है। उनका तर्क है कि एक नया स्थल राज्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण देरी और झटके का कारण बनेगा। विशेषज्ञों का सुझाव है कि एक नया स्थल खोजने और मंजूरी हासिल करने में कई साल लग सकते हैं, जिससे तमिलनाडु की $1.5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था की आकांक्षाएं प्रभावित होंगी।
नए स्थल खोजने में चुनौतियां
एक नए हवाई अड्डे स्थल के लिए व्यापक मूल्यांकन की आवश्यकता होती है, जिसमें हवाई क्षेत्र की उपलब्धता, हवा की दिशा और बाधाओं जैसे कारकों पर विचार किया जाता है। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि उपयुक्त स्थान खोजना आसान नहीं है और पेरंदूर में आने वाली समस्याएं कहीं और भी दोहराई जा सकती हैं। एक नए स्थल की पहचान, व्यवहार्यता अध्ययन और अनुमोदन की प्रक्रिया निर्माण शुरू होने से पहले पांच से छह साल लग सकती है।
क्यों मायने रखता है
हवाई अड्डे के स्थान पर यह निर्णय तमिलनाडु के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है और पर्यावरण संरक्षण, कृषि भूमि और घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय आगंतुकों के लिए राज्य की कनेक्टिविटी को प्रभावित करेगा।
मुख्य तथ्य
- •Proposed Airport Site: Parandur, near Chennai
- •Land Acquired for Parandur: Nearly 1,700 acres
- •Minister's Statement Date: Thursday (June 18, 2026)
- •Political Party: Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK)
- •Previous Government: DMK government (announced in 2022)
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