MP हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हटाई
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मानहानि मामले में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर लगी अंतरिम रोक हटा दी है। यह मामला 2021 में भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय की शिकायत से जुड़ा है, जिन्होंने बनर्जी पर 2020 की एक रैली में उन्हें "गुंडा" कहने का आरोप लगाया था। बनर्जी को नवंबर 2025 में अंतरिम सुरक्षा मिली थी, लेकिन नवीनतम सुनवाई में उनकी अनुपस्थिति के कारण अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। यह फैसला बनर्जी पर कानूनी दबाव बढ़ाएगा, जो पहले से ही अन्य मामलों में ED और CID जांच का सामना कर रहे हैं।
AI सारांश
3 bulletsMP हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक हटाई
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर लगी अपनी अंतरिम रोक हटा दी है। यह निर्णय बुधवार को नवीनतम सुनवाई के लिए बनर्जी और उनकी कानूनी टीम के उपस्थित न होने के बाद लिया गया। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता अब इस मामले को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं रखता था।
मानहानि मामले की उत्पत्ति
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मानहानि का मामला 2021 में इंदौर के पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा दायर एक आपराधिक शिकायत से उत्पन्न हुआ है। वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि बनर्जी ने नवंबर 2020 में कोलकाता में एक राजनीतिक रैली के दौरान उन्हें "गुंडा" कहा था। विजयवर्गीय के अनुसार, इस कथित टिप्पणी से उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची और यह मानहानिकारक थी।
पिछली कानूनी कार्यवाही और अनुपस्थिति
शिकायत के बाद, भोपाल की एक विशेष MP-MLA अदालत ने बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उन्होंने बाद में इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी और तर्क दिया कि एक मौजूदा सांसद के रूप में, वे फरार नहीं होंगे। हाई कोर्ट ने 12 नवंबर, 2025 को गिरफ्तारी वारंट पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिससे उन्हें अस्थायी राहत मिली थी। हालांकि, हाल की सुनवाई में उनकी अनुपस्थिति के कारण उनकी याचिका खारिज कर दी गई।
बनर्जी के लिए बढ़ी कानूनी चुनौतियां
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का यह नवीनतम फैसला अभिषेक बनर्जी के लिए मौजूदा कानूनी परेशानियों को बढ़ाता है। वे वर्तमान में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जांच के दायरे में हैं। इसके अतिरिक्त, बनर्जी पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता का चुनाव करने के लिए पार्टी विधायकों के जाली हस्ताक्षर करने के आरोप में CID जांच का सामना कर रहे हैं। गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हटने से मानहानि मामले में उनकी गिरफ्तारी की संभावना फिर से सक्रिय हो गई है।
क्यों मायने रखता है
यह घटनाक्रम एक प्रमुख विपक्षी नेता की गिरफ्तारी की संभावना को फिर से खोलता है, जो आगामी चुनावों से पहले प्रमुख राजनीतिक नेताओं की लगातार कानूनी जांच को उजागर करता है।
मुख्य तथ्य
- •Defamation Complaint Year: 2021
- •Alleged Remark Year: 2020
- •Court that issued arrest warrant: Special MP-MLA court in Bhopal
- •Interim Stay Granted On: November 12, 2025
- •High Court Decision Date: June 18, 2026
- •Complainant: Akash Vijayvargiya
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