राजस्थान: अनूपगढ़ में धर्मांतरण के प्रयास का खुलासा
राजस्थान के अनूपगढ़ में ईसाई धर्म में धर्मांतरण के लिए ₹50,000 का प्रलोभन देने के आरोप में कई व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता सुरजीत ने बताया कि गौरीशंकर ईसाई प्रचार सामग्री बांट रहा था और चमत्कारी इलाज का दावा कर रहा था। गौरीशंकर, जो जालंधर के 'द चर्च ऑफ साइन्स एंड वंडर्स' का सदस्य बताया गया, ने कथित तौर पर सुरजीत को ₹50,000 की पेशकश की और उसे जालंधर में प्रार्थना सभाओं में आमंत्रित किया। शिकायत में मुख्य प्रचारक अंकुर नरूला और सोनिया नरूला को भी शामिल किया गया है, और आरोप है कि प्रचार गतिविधियों के लिए गौरीशंकर के खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
AI सारांश
3 bulletsधर्मांतरण के आरोप सामने आए
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ में ईसाई धर्म में धर्मांतरण के लिए व्यक्तियों को ₹50,000 का प्रलोभन देने के आरोपों के संबंध में एक मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में धार्मिक धर्मांतरण की ओर लोगों को प्रेरित करने के लिए मौद्रिक प्रोत्साहन और चमत्कारी उपचार के वादों के दावों का उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ता का बयान
चक 5 पी अनूपगढ़ निवासी सुरजीत ने गौरीशंकर को ईसाई साहित्य वितरित करते हुए देखकर रिपोर्ट दर्ज कराई। सुरजीत ने आरोप लगाया कि गौरीशंकर ने खुद को जालंधर के 'द चर्च ऑफ साइन्स एंड वंडर्स' का सदस्य बताया और उसे प्रार्थना सभाओं में शामिल होने के लिए ₹50,000 की पेशकश की, साथ ही चमत्कारी इलाज का वादा भी किया।
मुख्य व्यक्तियों पर आरोप
शिकायत में गौरीशंकर के साथ-साथ मुख्य प्रचारक डॉ. अंकुर यूसुफ नरूला और पास्टर सोनिया यूसुफ नरूला को कथित धर्मांतरण गतिविधियों में मुख्य व्यक्तियों के रूप में नामित किया गया है। इसमें यह भी बताया गया है कि प्रचार प्रयासों के लिए गिद्दड़बाहा, पंजाब के दीप प्रधान के माध्यम से गौरीशंकर के बैंक खाते में ₹50,000 की राशि हस्तांतरित की गई थी।
व्यापक नेटवर्क का आरोप
सुरजीत की रिपोर्ट में राजू जौन, कालू, दयानंद और शिवा व उनकी पत्नी सहित कई अन्य व्यक्तियों पर धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि संगठन द्वारा उनके खातों में भी धन जमा किया गया था, जो गौरीशंकर से परे एक व्यापक नेटवर्क का संकेत देता है।
पुलिस जांच जारी
शिकायत के बाद, अनूपगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच के लिए एएसआई सुरेंद्र बिश्नोई को नियुक्त किया। हालांकि गौरीशंकर को पाबंद किया गया और बाद में उपखंड मजिस्ट्रेट से जमानत मिल गई, शिकायतकर्ता ने प्रचार सामग्री, सदस्यता कार्ड और शामिल लोगों के बैंक खातों की गहन जांच की मांग की है।
क्यों मायने रखता है
धार्मिक धर्मांतरण के आरोप, विशेषकर वित्तीय प्रलोभन से जुड़े, भारत में संवेदनशील हैं और अक्सर सामाजिक और कानूनी बहस का कारण बनते हैं। यह घटना धर्मांतरण की युक्तियों और स्थानीय समुदायों पर उनके संभावित प्रभाव के बारे में चिंताओं को उजागर करती है।
मुख्य तथ्य
- •Location: Nai Dhan Mandi, Anupgarh, Sri Ganganagar, Rajasthan
- •Accusation: Luring people with ₹50,000 for religious conversion
- •Complainant: Surjeet s/o Shyam Lal, Chak 5 P Anupgarh
- •Accused: Gaurishankar (New Dhan Mandi Gharsana), Ankur Narula, Sonia Narula, Raju Jaun, Kalu, Dayanand, Shiva and his wife, Deep Pradhan
- •Alleged Affiliation: The Church of Signs and Wonders, Jalandhar (Punjab)
- •Police Action: Case registered, investigation initiated by ASI Surendra Bishnoi, Gaurishankar granted bail by Sub-Divisional Magistrate
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