जैसलमेर दुर्ग के रास्ते फिसलन मुक्त, पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ी
जैसलमेर के 870 वर्ष पुराने सोनार दुर्ग में पर्यटकों और निवासियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक रास्तों को खुरदुरा बनाया जा रहा है। नगरपरिषद की यह पहल वर्षा ऋतु और अधिक पर्यटन आवाजाही के दौरान पत्थरों की फिसलन भरी सतह की पुरानी समस्या का समाधान करेगी। यह कार्य मुख्य रूप से रात में पारंपरिक तरीकों से किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अखे प्रोल, सूरज प्रोल और गणेश प्रोल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित बनाना है, जिससे फिसलने का जोखिम कम हो और दुर्ग की मूल पहचान बनी रहे।
AI सारांश
3 bulletsसोनार दुर्ग में सुरक्षा पहल
870 वर्ष पुराने जैसलमेर दुर्ग, जिसे सोनार दुर्ग के नाम से भी जाना जाता है, में सुरक्षा संबंधी सुधार किए जा रहे हैं। नगरपरिषद ने इसके ऐतिहासिक रास्तों और ढलानों की फिसलन भरी सतहों को खुरदुरा बनाने की परियोजना शुरू की है। इस उपाय का उद्देश्य पर्यटकों और स्थानीय निवासियों दोनों के लिए दुर्घटनाओं को रोकना है, खासकर मानसून के मौसम में जब फिसलने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
फिसलन भरी सतहों का समाधान
वर्षों से, दुर्ग के मुख्य प्रवेश द्वारों और ढलानों पर पत्थरों की सतहें चिकनी हो गई हैं, जिससे फिसलन बढ़ गई है। इसने विशेषकर पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहनों के लिए दुर्घटनाओं का एक महत्वपूर्ण जोखिम पैदा किया है। वर्तमान कार्य अखे प्रोल, सूरज प्रोल और गणेश प्रोल जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है, जहाँ पत्थरों की सतहों को खुरदुरा बनाने के लिए तराशा जा रहा है।
पारंपरिक तरीकों से रात में कार्य
कार्य को गति देने और व्यवधान को कम करने के लिए खुरदुरा बनाने का काम मुख्य रूप से रात में किया जा रहा है। श्रमिक पत्थरों की सतहों को तराशने के लिए पारंपरिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि दुर्ग की मूल पहचान और विरासत संरक्षण मानकों को बनाए रखा जाए। यह दृष्टिकोण सुरक्षा सुधारों और दुर्ग की ऐतिहासिक पहचान के संरक्षण को संतुलित करता है।
सुरक्षित आवागमन और पर्यटन सुनिश्चित करना
यह पहल सोनार दुर्ग में एक सुरक्षित पर्यटन अनुभव विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर रास्ते निवासियों और आगंतुकों दोनों के लिए फिसलने की संभावनाओं को कम करेंगे, जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। नगरपरिषद आयुक्त, लजपाल सिंह सोढ़ा ने जोर दिया कि यह प्रयास विरासत संरक्षण को मजबूत करेगा और दुनिया भर के पर्यटकों के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगा।
क्यों मायने रखता है
जैसलमेर दुर्ग एक प्रमुख पर्यटन स्थल और आवासीय क्षेत्र है। इसके फिसलन भरे रास्तों को खुरदुरा बनाने से दुर्घटनाओं की रोकथाम होगी और आगंतुकों का अनुभव बेहतर होगा, साथ ही इसकी ऐतिहासिक अखंडता भी बनी रहेगी।
मुख्य तथ्य
- •Fort Age: 870 years
- •Location: Jaisalmer, India
- •Responsible Body: City Council (नगरपरिषद)
- •Affected Areas: Akhe Prol, Suraj Prol, Ganesh Prol
- •Primary Work Time: Night
- •Method: Traditional stone roughening (टंचाई)
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…