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जयपुर: पुराना घर तोड़ते समय मिला खजाना चुराने वाले मजदूर गिरफ्तार

Briovo· 08 Aug 2026, 10:02 pm IST
जयपुर: पुराना घर तोड़ते समय मिला खजाना चुराने वाले मजदूर गिरफ्तार

जयपुर में एक पुराने मकान को तोड़ते समय मिले कथित खजाने की चोरी के आरोप में एक मजदूर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह खजाना, जिसमें चांदी की सिल्लियां, सोने और प्राचीन चांदी के सिक्के शामिल थे, दस महीने पहले त्रिपोलिया बाजार में मिला था। मकान मालिक को सूचित करने के बजाय, मजदूर और उसके साथियों ने कथित तौर पर धन आपस में बांट लिया। संदिग्धों की जीवनशैली में अचानक बदलाव देखने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। अधिकारियों ने 66.400 किलोग्राम चांदी बरामद की है, शेष संपत्ति की बरामदगी और अन्य शामिल व्यक्तियों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।

AI सारांश

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छिपा हुआ खजाना मिला

जयपुर के त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता में एक पुराने मकान को तोड़ते समय मजदूरों को कथित तौर पर एक बड़ा खजाना मिला। इस खजाने में लगभग 40-45 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां, हजारों प्राचीन चांदी के सिक्के और कुछ सोने के सिक्के शामिल थे। यह खोज गिरफ्तारी से लगभग दस महीने पहले हुई थी।

मजदूरों ने छिपाया और बांटा खजाना

खजाने के बारे में मकान मालिक को सूचित करने के बजाय, मुख्य मजदूर महेश मल्होत्रा ​​उर्फ छोटू ने अपने साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर इसे अपने पास रखने का फैसला किया। उन्होंने कथित तौर पर मूल्यवान वस्तुओं को आपस में बांट लिया, और मकान मालिक से इस खोज को छिपाया। यह कार्य खोजी गई संपत्ति की चोरी का एक स्पष्ट मामला था।

पुलिस जांच शुरू हुई

संदिग्धों की वित्तीय स्थिति और जीवनशैली में नाटकीय बदलाव देखने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जो लोग पहले मामूली मजदूरी कमाते थे, वे अचानक विलासितापूर्ण जीवन जीने लगे और बड़ी रकम खर्च करने लगे। इस अचानक बदलाव ने स्थानीय अधिकारियों में संदेह पैदा किया, जिससे उन्हें संदिग्धों की गतिविधियों पर करीब से नजर रखने के लिए प्रेरित किया।

सबूत और गिरफ्तारियां

समकालीन सीसीटीवी फुटेज की अनुपस्थिति और मकान के पूरी तरह से ढहाए जाने के बावजूद, माणक चौक पुलिस और डीएसटी जयपुर उत्तर की टीम ने संदिग्धों को जोड़ने के लिए तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और मुखबिर तंत्र का उपयोग किया। उन्होंने गतिविधियों पर नज़र रखी, वित्तीय परिवर्तनों का विश्लेषण किया और अंततः पांच व्यक्तियों की पहचान की: महेश मल्होत्रा, जगदीश राजोरिया, ओमप्रकाश खीची, रजनी मल्होत्रा और अनुज अरोड़ा। पुलिस ने उनके कब्जे से 66.400 किलोग्राम चांदी सफलतापूर्वक बरामद की है।

जारी है बरामदगी और पूछताछ

पुलिस जांच अभी भी सक्रिय है, जिसका मुख्य ध्यान शेष चोरी हुई संपत्ति को बरामद करने पर है, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी गई है। अधिकारी गिरफ्तार व्यक्तियों से भी पूछताछ जारी रखे हुए हैं ताकि चोरी और खजाने को छिपाने में शामिल किसी भी अन्य साथी की भूमिका का पता चल सके। लक्ष्य सभी छिपी हुई संपत्तियों को पुनः प्राप्त करना और सभी दोषियों को न्याय के कटघरे में लाना है।

क्यों मायने रखता है

यह घटना शहरी पुनर्विकास के दौरान होने वाली अप्रत्याशित खोजों और ऐसी चीजों की सुरक्षा में आने वाली चुनौतियों को उजागर करती है। यह यह भी दर्शाता है कि जीवनशैली में बदलाव कैसे अधिकारियों को अवैध गतिविधियों के प्रति सचेत कर सकता है, जिससे गिरफ्तारियां और चोरी हुए सामान की बरामदगी हो सकती है।

मुख्य तथ्य

  • Incident Location: Tripolia Bazar, Jaipur
  • Discovery Date: Around 10 months ago (prior to July 2026, though the article states July 15, 2026 for FIR, implying an error or future date, assuming discovery was before FIR)
  • Items Found: Silver ingots (approx. 40-45 kg), ancient gold/silver coins (8,000-10,000 silver coins)
  • Arrests Made: 5 individuals
  • Recovered Silver: 66.400 kg
  • Estimated Value: Crores (INR)

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