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बायतु अस्पताल विवाद: ₹11 करोड़ के अस्पताल को बंद रखने पर विधायक चौधरी ने सरकार को घेरा

Briovo· 29 Jul 2026, 10:49 am IST
बायतु अस्पताल विवाद: ₹11 करोड़ के अस्पताल को बंद रखने पर विधायक चौधरी ने सरकार को घेरा

कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने बाड़मेर के बायतु से एक वीडियो जारी कर राजस्थान सरकार की आलोचना की है। उन्होंने बताया कि ₹11 करोड़ की लागत से बना उप-जिला अस्पताल पूरी तरह तैयार होने के बावजूद बंद पड़ा है। चौधरी ने "ग्राउंड रिपोर्टर" बनकर स्थानीय लोगों की दिक्कतों को उजागर किया, जिन्हें इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है। उन्होंने सरकार पर राजनीतिक द्वेष और प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल जल्द ही कर्मचारियों और सुविधाओं के साथ चालू नहीं किया गया तो जन आंदोलन किया जाएगा। इस वीडियो से राजनीतिक बहस और सार्वजनिक आक्रोश फैल गया है।

AI सारांश

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विधायक ने अस्पताल बंद पर उठाए सवाल

बाड़मेर के बायतु से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने एक नए बने उप-जिला अस्पताल की परिचालन स्थिति पर सवाल उठाते हुए एक वीडियो जारी किया है। ₹11 करोड़ की लागत से बनी यह सुविधा पूरी तरह तैयार है, लेकिन बंद पड़ी है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही है। चौधरी ने अपने वीडियो में 'ग्राउंड रिपोर्टर' की भूमिका अपनाकर क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की गंभीर स्थिति को व्यक्तिगत रूप से उजागर किया।

₹11 करोड़ की सुविधा अनुपयोगी पड़ी

बायतु में ₹11 करोड़ की लागत से बना उप-जिला अस्पताल आधुनिक और सुसज्जित बताया गया है। इसकी तैयारी और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद, अस्पताल की इमारत बंद पड़ी है, जिससे यह महंगी सरकारी संपत्ति बेकार हो रही है। इस स्थिति के कारण बायतु और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को सामान्य चिकित्सा उपचार या आपातकालीन सेवाओं के लिए बाड़मेर या जोधपुर के जिला अस्पतालों में 50 से 150 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है।

राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप

हरीश चौधरी ने सीधे तौर पर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर हमला बोला, आरोप लगाया कि राजनीतिक दुश्मनी और श्रेय लेने की होड़ अस्पताल को चालू होने से रोक रही है। उन्होंने इसे बाड़मेर के लोगों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार बताया। विधायक ने मंत्रियों और स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा किए गए विकास के दावों की आलोचना करते हुए कहा कि जमीनी हकीकत आधिकारिक रिपोर्टों से बिल्कुल अलग है।

तत्काल कार्रवाई और स्टाफिंग की मांग

चौधरी ने सार्वजनिक उपयोग के लिए अस्पताल को चालू करने हेतु पर्याप्त डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सा सुविधाओं की तत्काल तैनाती की मांग की। उन्होंने सुविधा में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे मौजूदा स्थिति के कारण कहीं और चिकित्सा सहायता seeking रोगियों के लिए महत्वपूर्ण समय और वित्तीय लागत लगती है।

जन आंदोलन की चेतावनी

वीडियो वायरल होने के बाद बाड़मेर और राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हरीश चौधरी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ₹11 करोड़ के उप-जिला अस्पताल को तुरंत चालू नहीं किया गया, तो वे स्थानीय समुदाय के समर्थन से एक बड़ा जन आंदोलन करेंगे। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने भी बंद अस्पताल को जल्द खोलने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है।

क्यों मायने रखता है

पूरी तरह से निर्मित ₹11 करोड़ के अस्पताल का बंद होना प्रशासनिक और राजनीतिक अक्षमताओं को दर्शाता है, जिससे ग्रामीण राजस्थान में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक सार्वजनिक पहुंच सीधे प्रभावित हो रही है।

मुख्य तथ्य

  • Location: Baytu, Barmer District, Rajasthan
  • Hospital Cost: ₹11 Crore
  • Status: Fully constructed but closed
  • Accusation: Political vengeance and administrative negligence
  • MLA: Harish Choudhary (Congress)

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