किरेन रिजिजू ने पीएम की आलोचना पर यूके मॉडल का हवाला दिया
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ब्रिटेन की संसद से पाकिस्तानी मूल की सांसद ज़ारा सुल्ताना को प्रधानमंत्री को "झूठा" कहने पर निलंबित किए जाने का एक वीडियो साझा किया। रिजिजू ने सवाल उठाया कि भारत में प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले नेताओं के खिलाफ इसी तरह की कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती, जबकि भारत भी वेस्टमिंस्टर संसदीय मॉडल का पालन करता है। उन्होंने उन घटनाओं का जिक्र किया जहां भारतीय राजनेताओं ने पीएम के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है, लेकिन उन्हें कोई खास परिणाम नहीं भुगतने पड़े, जबकि यूके में इस तरह के व्यक्तिगत हमलों पर सख्ती से प्रतिबंध है। सुल्ताना से जुड़ी यह घटना अप्रैल में एक बहस के दौरान हुई थी, जिसके कारण बयान वापस लेने से इनकार करने पर उन्हें पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया था।
AI सारांश
3 bullets'झूठा' कहने पर ब्रिटिश सांसद निलंबित
पाकिस्तानी मूल की ब्रिटिश सांसद ज़ारा सुल्ताना को अप्रैल में ब्रिटिश संसद से पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया था, जब उन्होंने प्रधानमंत्री को 'निर्लज्ज झूठा' कहने वाली अपनी टिप्पणी वापस लेने से इनकार कर दिया था। यह घटना पीटर मैंडेलसन को अमेरिकी राजदूत के रूप में नियुक्त करने से संबंधित एक बहस के दौरान हुई थी। स्पीकर लिंडसे हॉयल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और सुल्ताना से अपनी असंसदीय भाषा वापस लेने की मांग की।
रिजिजू ने भारत की संसदीय आचार-संहिता पर सवाल उठाया
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सुल्ताना के निलंबन का वीडियो साझा किया, जिसकी तुलना भारत की संसदीय प्रथाओं से की। उन्होंने एक कथित विसंगति को उजागर किया जहां भारतीय राजनेता अक्सर प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक और असंसदीय शब्दों का उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें इसी तरह की कड़ी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ता, जबकि भारत भी संसदीय लोकतंत्र के वेस्टमिंस्टर मॉडल का पालन करता है।
कड़े यूके संसदीय नियम
ब्रिटिश संसदीय प्रणाली प्रधानमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत हमलों को सख्ती से प्रतिबंधित करती है, जिसमें 'झूठा' या 'बेईमान' जैसे शब्द शामिल हैं। यदि कोई सदस्य ऐसे शब्दों का उपयोग करता है, तो स्पीकर के पास उन्हें तुरंत निलंबित करने का अधिकार होता है, जैसा कि सुल्ताना के मामले में दिखाया गया है। यह परंपरा प्रधानमंत्री कार्यालय की गरिमा और सख्त संसदीय शिष्टाचार के पालन को प्राथमिकता देती है।
भारत का कम कड़ा प्रवर्तन
इसके विपरीत, भारत के संसदीय नियम (नियम 380, 381 और 222/188) भी असंसदीय भाषा पर प्रतिबंध लगाते हैं और विशेषाधिकार हनन के लिए कार्रवाई की अनुमति देते हैं। हालांकि, प्रवर्तन अक्सर राजनीतिक दबाव का सामना करता है, जिससे कम कड़े दंड मिलते हैं, जो ज्यादातर रिकॉर्ड से टिप्पणियों को हटाने तक सीमित होते हैं, निलंबन तक नहीं। रिजिजू ने पीएम कार्यालय की गरिमा और संवैधानिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक मजबूत ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्यों मायने रखता है
किरेन रिजिजू द्वारा यह चर्चा संसदीय शिष्टाचार और भारत में प्रधानमंत्री कार्यालय की गरिमा बनाए रखने के लिए सख्त नियमों की आवश्यकता पर चल रही बहस को उजागर करती है, जो अंतरराष्ट्रीय संसदीय प्रथाओं के साथ समानताएं दर्शाती है।
मुख्य तथ्य
- •Incident location: British Parliament
- •UK MP involved: Zarah Sultana
- •Reason for suspension: Called PM a 'liar'
- •Union Minister's observation: Kiren Rijiju
- •Suspension duration: 5 days
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