ईडी ने रिलायंस इन्फ्रा के निदेशक के ठिकानों पर की छापेमारी, शेल कंपनियों का खुलासा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की कंपनी ई-कॉम्प्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड के एक निदेशक के यहां छापेमारी की है। यह कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस द्वारा सार्वजनिक धन के कथित हेराफेरी से संबंधित मामले में की गई है। विभिन्न बैंकों की कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच में सामने आया है कि रिलायंस समूह के कर्मचारियों द्वारा नियंत्रित शेल कंपनियों का उपयोग करके हजारों करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन का गबन किया गया। ईडी ने संपत्तियों और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं और इस ₹15,548 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ₹4,510 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है। इस मामले में पहले ही दो पूर्व निदेशकों, अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना को गिरफ्तार किया जा चुका है।
AI सारांश
3 bulletsईडी की रिलायंस समूह के निदेशक पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में रिलायंस अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कंपनी ई-कॉम्प्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड के एक निदेशक के ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई सार्वजनिक धन के गबन और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के आरोपों की चल रही जांच का हिस्सा है। जांच के तहत निदेशक के कार्यालय और आवास पर तलाशी ली गई।
शेल कंपनियों की जांच
जांच में सामने आया है कि रिलायंस अनिल अंबानी समूह के कर्मचारियों या करीबी सहयोगियों द्वारा कथित तौर पर नियंत्रित शेल कंपनियां, धन के हेराफेरी में महत्वपूर्ण थीं। इन संस्थाओं को कथित तौर पर समूह के वरिष्ठ प्रबंधन के निर्देशों पर संचालित किया जा रहा था। ईडी रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड द्वारा सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और गबन की जांच कर रहा है।
जांच का आधार
ईडी ने अपनी जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दिल्ली में दर्ज कई प्राथमिकियों (एफआईआर) के आधार पर शुरू की। ये एफआईआर यस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई, पीएनबी और एक्सिस बैंक सहित कई प्रमुख बैंकों द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में दर्ज कराई गई शिकायतों से उत्पन्न हुई हैं।
सबूत जब्त और संपत्ति कुर्क
हालिया तलाशी के दौरान, ईडी ने महत्वपूर्ण दस्तावेज, अचल संपत्तियों से संबंधित रिकॉर्ड और अन्यB सबूत सामग्री जब्त की है। इन जब्तियों में संदिग्ध लेनदेन और रिलायंस अनिल अंबानी समूह से जुड़ी संपत्तियों के स्वामित्व का सुझाव देने वाले सबूत शामिल हैं। आज तक, ईडी ने इस मामले में ₹4,510 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है, जो अनुमानित ₹15,548 करोड़ की 'अपराध की आय' में से है।
पिछली गिरफ्तारियां और मामले का विवरण
इससे पहले, ईडी ने इस मामले में दो प्रमुख व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था: अमिताभ झुंझुनवाला, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व निदेशक, और अमित बापना, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व सीएफओ। इन दोनों को रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से धन के गबन में उनकी सक्रिय भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था, जो उस समय रिलायंस कैपिटल लिमिटेड की सहायक कंपनियां थीं। दोनों आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
क्यों मायने रखता है
यह चल रही जांच एक बड़े कॉर्पोरेट समूह द्वारा सार्वजनिक धन की कथित बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और हेराफेरी को उजागर करती है, जिससे कई सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक प्रभावित हुए हैं।
मुख्य तथ्य
- •Raided Entity: Director of E-Complex Private Limited (Reliance Anil Ambani Group company)
- •Investigating Agency: Enforcement Directorate (ED)
- •Allegation: Diversion of public funds by Reliance Home Finance & Commercial Finance through shell companies
- •Total Alleged Money Laundering: ₹15,548 crore
- •Assets Attached: ₹4,510 crore
- •Arrests Made: Amitabh Jhunjhunwala (Ex-Director, Reliance Capital) & Amit Bapna (Ex-CFO, Reliance Capital)
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…