अदीना मस्जिद विवाद: हिंदू संगठन का मंदिर तोड़े जाने का दावा
पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित 700 साल पुरानी अदीना मस्जिद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक हिंदू दक्षिणपंथी संगठन का दावा है कि यह मस्जिद एक प्राचीन आदिनाथ शिव मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी और उसने पास में एक विशाल शिवलिंग स्थापित करने की घोषणा की है। एएसआई द्वारा संरक्षित यह मस्जिद बड़े पैमाने पर खंडहर में है। कलकत्ता उच्च न्यायालय भी एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें स्मारक की गलत पहचान का आरोप लगाया गया है और परिसर के भीतर हिंदू देवी-देवताओं के अवशेषों के दावों के आधार पर पुन: जांच का अनुरोध किया गया है। घोषणा के बाद इलाके में तनाव बढ़ रहा है।
AI सारांश
3 bulletsअदीना मस्जिद फिर से विवादों में
पश्चिम बंगाल के मालदा में स्थित ऐतिहासिक अदीना मस्जिद एक नए विवाद का केंद्र बन गई है। लगभग 700 साल पुरानी यह प्राचीन संरचना वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षण में एक राष्ट्रीय स्मारक है। इसकी संरक्षित स्थिति के बावजूद, मस्जिद का एक बड़ा हिस्सा आज खंडहर में है।
मंदिर तोड़ने के दावे सामने आए
एक हिंदू दक्षिणपंथी संगठन ने दावा किया है कि अदीना मस्जिद वास्तव में एक प्राचीन आदिनाथ शिव मंदिर था जिसे तोड़कर बनाया गया था। इस संगठन के सदस्यों को मस्जिद के बाहर पूजा करते देखा गया है, जो उनके विश्वास को मजबूत करता है। इस दावे ने स्मारक की उत्पत्ति को लेकर चल रही बहस को तेज कर दिया है।
शिवलिंग स्थापना की घोषणा
विवाद को और बढ़ाते हुए, 'आदिनाथ पुरातन शिव मंदिर' संगठन ने मस्जिद के पास एक विशाल शिवलिंग स्थापित करने की अपनी मंशा की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है, जिससे 700 साल पुरानी संरचना पर फिर से ध्यान केंद्रित हो गया है। स्थानीय प्रशासन भी स्थिति को संभालने में सक्रिय रूप से शामिल हो गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और एएसआई का रुख
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अनुसार, अदीना मस्जिद का निर्माण 1373 ईस्वी में बंगाल सल्तनत के सुल्तान सिकंदर शाह द्वारा कराया गया था। एएसआई इसे मध्यकालीन भारत के दौरान उपमहाद्वीप की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक मानता है। इसे प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत एक संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय में कानूनी चुनौती
इस साल की शुरुआत में कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एएसआई ने स्मारक की पहचान अदीना मस्जिद के रूप में गलत तरीके से की है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि परिसर में हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक प्रतीकों के अवशेष मौजूद हैं, और इसकी वास्तविक पहचान की फिर से जांच की वकालत की गई है। इस मामले पर अंतिम न्यायिक निर्णय अभी बाकी है।
क्यों मायने रखता है
अदीना मस्जिद विवाद भारत में ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को लेकर चल रहे विवादों को प्रकाश में लाता है, जिसमें हिंदू संगठनों द्वारा मंदिर तोड़ने के दावे और स्मारकों की पहचान की फिर से जांच के आह्वान शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
- •Location: Malda, West Bengal
- •Age of Mosque: Approximately 700 years
- •Construction Year: 1373 AD by Sultan Sikandar Shah
- •Current Status: ASI-protected National Monument, largely in ruins
- •Claim by Hindu Organization: Built on site of ancient Adinath Shiva temple
- •Legal Action: Petition filed in Calcutta High Court regarding monument's identity
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…