डूंगरपुर: वात्रक नदी में डूबे तीन सगे भाई-बहन
राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एक दुखद घटना में वात्रक नदी में डूबने से तीन सगे भाई-बहनों की मौत हो गई। हीना (24), प्रतीक (20), और इशिता डामोर (15) अपने रिश्तेदारों के साथ नहाने गए थे, तभी वे नदी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाए। दो अन्य बच्चों को बचा लिया गया, लेकिन तीनों भाई-बहन और उनकी चचेरी बहन रौनक (20) को नहीं बचाया जा सका। सदमे के कारण पिता बाबूलाल डामोर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। लिखिबाड़ी गांव में मातम छा गया क्योंकि तीनों भाई-बहनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। हीना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी, प्रतीक शिक्षक बनने का सपना देख रहा था और इशिता एक होनहार छात्रा थी।
AI सारांश
3 bulletsवात्रक नदी में दुखद हादसा
राजस्थान के डूंगरपुर जिले में रविवार सुबह वात्रक नदी में नहाने गए हीना (24), प्रतीक (20), इशिता डामोर (15) और उनकी चचेरी बहन रौनक (20) की डूबने से मौत हो गई। वे नदी के एनिकट पर नहाने गए थे। नदी की गहराई का अंदाजा न लगा पाने के कारण यह दुखद घटना हुई।
बचाव कार्य और हताहत
चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन केवल राजवीर (15) और जयसिंह (11) को ही बचाया जा सका। हीना, प्रतीक, इशिता और रौनक को नहीं बचाया जा सका। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शवों को सीमलवाड़ा अस्पताल की मोर्चरी में भेजा गया।
हृदय विदारक अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद तीनों भाई-बहनों के शव लिखिबाड़ी गांव पहुंचने पर पूरे गांव में मातम छा गया। हीना, प्रतीक और इशिता का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। रौनक का शव उनके परिवार को अंतिम संस्कार के लिए गुजरात भेज दिया गया।
टूटे सपने और परिवार पर प्रभाव
इस त्रासदी ने परिवार की उम्मीदों को तोड़ दिया। सबसे बड़ी बेटी हीना अंग्रेजी साहित्य में एमए कर रही थी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। इकलौता बेटा प्रतीक हाल ही में 12वीं प्रथम श्रेणी में पास हुआ था और शिक्षक बनने का सपना देख रहा था। सबसे छोटी इशिता 11वीं कक्षा की होनहार छात्रा थी। पिता बाबूलाल डामोर गंभीर सदमे के कारण अस्पताल में भर्ती हैं।
समुदाय में शोक और समर्थन
इस घटना से चौरासी विधानसभा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पूर्व सांसद ताराचंद भागोरा सहित स्थानीय नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना और समर्थन देने के लिए घटनास्थल का दौरा किया। समुदाय इस दुख में एकजुट खड़ा है, कई लोगों ने इस भारी क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
क्यों मायने रखता है
यह हृदयविदारक घटना अपरिचित पानी में तैरने के खतरों और ऐसी त्रासदियों के परिवारों और समुदायों पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभाव को उजागर करती है।
मुख्य तथ्य
- •Location: Likhibadi village, Dhambola, Dungarpur district, Rajasthan
- •Victims: Heena Damor (24), Pratik Damor (20), Ishita Damor (15), Raunak (20) (cousin)
- •Cause of Death: Drowning in Vatrak River
- •Rescued: Rajveer (15), Jaisingh (11)
- •Father's Condition: Hospitalized due to shock
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