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RAS पिंकी मीणा: निलंबित अधिकारी को सवाई माधोपुर में मिली नई पोस्टिंग

Briovo· 20 Jun 2026, 12:16 pm IST
RAS पिंकी मीणा: निलंबित अधिकारी को सवाई माधोपुर में मिली नई पोस्टिंग

भ्रष्टाचार के मामले में साढ़े पांच साल से निलंबित चल रही RAS अधिकारी पिंकी मीणा को भजनलाल सरकार ने राजस्थान में नई पोस्टिंग दी है। वह अब सवाई माधोपुर में सहायक निदेशक (लोक सेवा) के रूप में कार्य करेंगी। यह फैसला हाईकोर्ट द्वारा उनके निलंबन पर लगी रोक के बाद आया है। नई भूमिका मिलने के बावजूद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला अदालत में जारी रहेगा। मीणा को 2021 में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना से संबंधित 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जब वह दौसा में एसडीएम के पद पर थीं। उनकी अनूठी कहानी में एक न्यायिक मजिस्ट्रेट से शादी करने के लिए अंतरिम जमानत मिलना भी शामिल है।

AI सारांश

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निलंबन समाप्त, नई भूमिका

2017 बैच की RAS अधिकारी पिंकी मीणा का साढ़े पांच साल का निलंबन काल आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है। भजनलाल सरकार ने उन्हें सवाई माधोपुर में सहायक निदेशक (लोक सेवा) के पद पर नियुक्त किया है। यह निर्णय उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद आया है, जिसने उनके लंबे निलंबन पर रोक लगा दी थी।

2021 का रिश्वत कांड

मीणा का निलंबन 2021 के एक रिश्वत मामले से जुड़ा था, जिसमें उन पर ₹10 लाख की मांग करने का आरोप लगा था। बांदीकुई की एसडीएम के तौर पर, उन्होंने कथित तौर पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना के काम को सुविधाजनक बनाने के लिए रिश्वत मांगी थी। उन्हें एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा अवैध भुगतान स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।

अंतरिम जमानत और न्यायाधीश से विवाह

अपनी गिरफ्तारी के बाद, पिंकी मीणा का निजी जीवन भी सुर्खियों में रहा। उन्होंने मानवीय आधार पर उच्च न्यायालय से 10 दिन की अंतरिम जमानत प्राप्त की, ताकि वह एक न्यायिक मजिस्ट्रेट, नरेंद्र मीणा से शादी कर सकें। अपनी शादी की रस्में पूरी करने के बाद, वह स्वेच्छा से जेल लौट आईं और बाद में उन्हें नियमित जमानत मिल गई।

उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप

पिंकी मीणा ने उच्च न्यायालय में अपने लंबे निलंबन को चुनौती दी, जिसके परिणामस्वरूप मई 2026 में एक महत्वपूर्ण फैसला आया। न्यायमूर्ति सुदेश बंसल की एकल पीठ ने कहा कि किसी लोक सेवक को बिना ठोस कारण के अनिश्चित काल तक निलंबित नहीं रखा जा सकता। न्यायालय ने व्यापक निलंबन को एक पूर्व-खाली सजा माना, जिससे उनकी बहाली का मार्ग प्रशस्त हुआ।

जारी कानूनी कार्यवाही

अपनी नई पोस्टिंग और निलंबन समाप्त होने के बावजूद, पिंकी मीणा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत न्यायिक कार्यवाही जारी रहेगी। विभागीय और कानूनी विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि उनकी बहाली का चल रहे अदालत के मामले पर कानूनी रूप से कोई असर नहीं पड़ेगा। अब ध्यान मुकदमे के परिणाम पर केंद्रित है।

क्यों मायने रखता है

भ्रष्टाचार के आरोप में पहले गिरफ्तार की गई एक अधिकारी की अदालत के आदेशों के तहत पुनर्नियुक्ति, प्रशासनिक जवाबदेही में जटिलताओं को उजागर करती है और लोक सेवा निलंबन में न्यायिक हस्तक्षेप का एक अनूठा मामला प्रस्तुत करती है।

मुख्य तथ्य

  • Officer's Name: Pinki Meena
  • Suspension Duration: 5.5 years
  • New Posting Location: Sawai Madhopur
  • New Role: Assistant Director (Public Service)
  • Bribery Allegation Year: 2021
  • Alleged Bribe Amount: ₹10 lakh

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