फ्रांस की आलोचना पर अमेरिका UNSC से बाहर
फ्रांस द्वारा उसकी मानवाधिकार वोटिंग रिकॉर्ड की आलोचना के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से बाहर निकल गया। फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क के कार्यकाल के विस्तार के खिलाफ अमेरिकी वोट को उत्तर कोरिया और रूस जैसे सत्तावादी शासनों के वोटों के बराबर बताया। अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने फ्रांस पर मानवाधिकार प्रमुख का समर्थन करने का आरोप लगाया, जो लोकतंत्रों को "व्याख्यान" देता था जबकि "उत्पीड़कों के साथ घुलमिल" रहा था। अमेरिका ने कहा कि वह तब तक ऐसे विरोध जारी रखेगा जब तक फ्रांस अपनी "अपमानजनक और अनादरपूर्ण बयानबाजी" वापस नहीं लेता। यह घटना अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के बीच बढ़ते तनाव को रेखांकित करती है, खासकर संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के साथ फंडिंग और जुड़ाव के संबंध में।
AI सारांश
3 bulletsUNSC में कूटनीतिक विवाद
संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से अचानक बाहर निकल गए, जब फ्रांस ने उसके मानवाधिकार मतदान व्यवहार पर कड़ी आलोचना की। फ्रांस की टिप्पणियों ने अमेरिकी वोट की तुलना सत्तावादी राष्ट्रों से की, जिससे एक कूटनीतिक विवाद छिड़ गया।
विवादास्पद वोट और आलोचना
यह विवाद पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के उच्चायुक्त के रूप में वोल्कर तुर्क के कार्यकाल को बढ़ाने के खिलाफ अमेरिकी वोट से उत्पन्न हुआ। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के मिशन ने अमेरिका की निंदा करते हुए एक्स पर कहा, "अमेरिका कभी मानवाधिकारों का प्रकाशस्तंभ हुआ करता था। अब नहीं।"
अमेरिकी बचाव और प्रति-आरोप
अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने पलटवार करते हुए फ्रांस पर एक मानवाधिकार प्रमुख का समर्थन करने का आरोप लगाया जो लोकतांत्रिक राष्ट्रों को 'व्याख्यान' देता था जबकि 'दुनिया के सबसे बुरे उत्पीड़कों के साथ घुलमिल' रहा था। इस प्रतिक्रिया ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त की भूमिका और निष्पक्षता पर गहरे मतभेदों को उजागर किया।
भविष्य के विरोध और अमेरिकी रुख
अमेरिकी राजदूत डैन नेग्रेया ने संकेत दिया कि प्रतिनिधिमंडल तब तक ऐसे विरोध जारी रखेगा जब तक फ्रांस उस बयानबाजी को त्याग नहीं देता जिसे उन्होंने "अपमानजनक और अनादरपूर्ण" कहा। यह एक लंबे राजनयिक गतिरोध का संकेत देता है यदि फ्रांस अपना रुख नहीं बदलता है।
व्यापक US-UN तनाव
यह घटना संयुक्त राज्य अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के बीच तनावपूर्ण संबंधों के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है, खासकर ट्रम्प प्रशासन के बाद से। अमेरिका ने पहले संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के लिए फंडिंग कम कर दी है और विभिन्न संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं से हट गया है, जो उसके जुड़ाव और वित्तीय योगदान के पुनर्मूल्यांकन का संकेत देता है।
क्यों मायने रखता है
यह कूटनीतिक विवाद संयुक्त राज्य अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है, खासकर मानवाधिकारों और संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों की निष्पक्षता के संबंध में।
मुख्य तथ्य
- •Incident: US delegation walked out of UN Security Council meeting
- •Reason for walkout: French criticism of US human rights voting record
- •Specific vote: US voted against extending UN Human Rights Chief Volker Turk's tenure
- •French comparison: Equated US voting with North Korea and Russia
- •US Ambassador's response: Accused France of supporting a biased human rights chief
- •US Future Action: Will continue protests until France retracts rhetoric
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