राजा रघुवंशी हत्याकांड: परिवार सोनम की जमानत के खिलाफ SC जाएगा
अपने हनीमून के दौरान कथित तौर पर मारे गए राजा रघुवंशी का परिवार मेघालय उच्च न्यायालय के उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रखने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा। उच्च न्यायालय ने जमानत बरकरार रखने का कारण गिरफ्तारी प्रक्रियाओं में उल्लंघन बताया। राजा के परिवार ने अभियोजन पक्ष के तरीके पर असंतोष व्यक्त किया और न्याय के लिए लड़ने के लिए एक निजी वकील नियुक्त करने की योजना बनाई है। सोनम को राजा की हत्या की साजिश रचने के आरोप में 9 जून को गिरफ्तार किया गया था और जमानत मिलने से पहले वह 10 महीने से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में थी। हनीमून के दौरान सोनम के लापता होने के बाद राजा का शव एक खाई में मिला था।
AI सारांश
3 bulletsपरिवार का SC में दखल
राजा रघुवंशी के परिवार ने उनके कथित हनीमून हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की घोषणा की है। यह फैसला मेघालय उच्च न्यायालय द्वारा उसकी गिरफ्तारी के दौरान पुलिस द्वारा प्रक्रियात्मक चूक का हवाला देते हुए जमानत बरकरार रखने के बाद आया है। राजा के बड़े भाई, विपिन रघुवंशी ने सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए परिवार के संकल्प की पुष्टि की है।
हाई कोर्ट ने प्रक्रियात्मक उल्लंघनों का हवाला दिया
मेघालय उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में सोनम को उसकी गिरफ्तारी के आधार के बारे में सूचित करने में पुलिस द्वारा महत्वपूर्ण त्रुटियों का उल्लेख किया। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि पुलिस के तरीके में "न्यायिक विवेक का कुल अनुपयोग" परिलक्षित होता है, जो उसके मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का दृढ़ता से सुझाव देता है। विशेष रूप से, अदालत ने उल्लेख किया कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 47(1), जो गिरफ्तारी के आधार के बारे में सूचित किए जाने के अधिकार की गारंटी देते हैं, का उल्लंघन किया गया था।
मामले की पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी
सोनम रघुवंशी को 9 जून को गाजीपुर, उत्तर प्रदेश से अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने से पहले उसने शिलांग जिला जेल में दस महीने से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में बिताए। राजा और सोनम की शादी पिछले साल 11 मई को इंदौर में हुई थी, और मेघालय के लिए उनका हनीमून यात्रा 20 मई को शुरू हुई थी। सोनम 23 मई को लापता हो गई थी, और राजा का शव 2 जून को सोहरा क्षेत्र में एक झरने के पास एक गहरी खाई में मिला था।
परिवार की असंतोष और भविष्य की योजनाएं
राजा रघुवंशी के परिवार ने मामले को चलाने के तरीके को लेकर अभियोजन पक्ष के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने न्याय के लिए कानूनी लड़ाई स्वतंत्र रूप से लड़ने की अपनी मंशा बताई और सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने के लिए एक निजी वकील नियुक्त करने की योजना बना रहे हैं। यह कदम उच्च न्यायालय के हालिया फैसले के बावजूद एक संपूर्ण और निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
क्यों मायने रखता है
यह मामला पुलिस प्रक्रिया और उचित प्रक्रिया की न्यायिक जांच, और हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में पीड़ितों के परिवारों द्वारा न्याय के लिए चल रही लड़ाई पर प्रकाश डालता है।
मुख्य तथ्य
- •Court Decision: Meghalaya High Court upheld Sonam Raghuvanshi's bail.
- •Reason for Bail: Police violated arrest procedure safeguards (Article 22(1) and Section 47(1) of Bharatiya Nagrik Suraksha Sanhita).
- •Family's Action: Raja Raghuvanshi's family will appeal to the Supreme Court.
- •Accused's Arrest: Sonam Raghuvanshi arrested on June 9 from Ghazipur, UP, for conspiring to murder.
- •Victim's Discovery: Raja Raghuvanshi's body found on June 2 in a ravine near a waterfall in Sohra, East Khasi Hills.
- •Marriage Date: Raja and Sonam married on May 11 last year in Indore.
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