बांसवाड़ा क्लर्क परीक्षा: दिव्यांग चिराग जैन ने मुंह से लिखकर दी परीक्षा
राजस्थान के बांसवाड़ा के एक दिव्यांग उम्मीदवार चिराग जैन ने क्लर्क ग्रेड-II/जूनियर सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2026 में मुंह से लिखकर परीक्षा दी। 2006 में बिजली के झटके से दोनों हाथ गंवाने के बाद, चिराग ने मुंह से लिखने का कौशल विकसित किया और पिछले तीन साल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने इससे पहले थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा पास की थी और RAS मेन्स में केवल 11 अंकों से चूक गए थे, जिससे कई लोगों को अपनी दृढ़ता और समर्पण से प्रेरणा मिली। एक अन्य दिव्यांग उम्मीदवार, कैलाश दामा भी पैर की विकलांगता के बावजूद परीक्षा में शामिल हुए।
AI सारांश
3 bulletsक्लर्क परीक्षा में प्रेरणादायक कार्य
बांसवाड़ा के कलिंजरा निवासी चिराग जैन ने एक दुर्घटना में अपने दोनों हाथ गंवाने के बावजूद क्लर्क ग्रेड-II/जूनियर सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2026 में भाग लिया। उन्होंने अपने मुंह में कलम पकड़कर परीक्षा लिखकर उल्लेखनीय दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। उनकी भागीदारी पूरे राज्य में अनगिनत प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
2006 से प्रतिकूल परिस्थितियों पर विजय
चिराग जैन जन्म से दिव्यांग नहीं थे; उनका जीवन 2006 में बदल गया जब उन्हें 11,000 केवी का बिजली का झटका लगा, जिससे गंभीर जलने के कारण उनके दोनों हाथ काटने पड़े। इस जीवन-बदल देने वाली घटना के बाद, उन्होंने अथक रूप से मुंह से लिखने का अभ्यास किया, इसे एक स्वाभाविक कौशल में बदल दिया। पिछले तीन वर्षों से, चिराग सक्रिय रूप से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और उनमें भाग ले रहे हैं।
प्रभावशाली शैक्षणिक रिकॉर्ड
चिराग का प्रतियोगी परीक्षाओं में सराहनीय शैक्षणिक रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने पहले थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए परीक्षा उत्तीर्ण की थी। विशेष रूप से, उन्होंने प्रतिष्ठित राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) मुख्य परीक्षा भी दी और मात्र 11 अंकों से चयन से चूक गए, जो उनकी बौद्धिक क्षमता और समर्पण को दर्शाता है।
क्लर्क परीक्षा में व्यापक भागीदारी
क्लर्क ग्रेड-II/जूनियर सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2026 बांसवाड़ा के 19 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई थी। इसमें कुल 6576 उम्मीदवारों को शामिल होना था, जिनमें 4411 महिलाएं, 2038 पुरुष और 127 शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति शामिल थे। पहली पाली में 5773 उम्मीदवार उपस्थित हुए, जबकि दूसरी पाली में 5752 उम्मीदवार उपस्थित हुए, जो दोनों पालियों में 87% से अधिक की उच्च उपस्थिति दर को दर्शाता है।
अन्य प्रेरक उम्मीदवार
चिराग जैन के अलावा, खुशहालपुर के कैलाश दामा नामक एक अन्य प्रेरक व्यक्ति ने भी पैर की विकलांगता के बावजूद परीक्षा में भाग लिया। ये घटनाएं उन व्यक्तियों की दृढ़ता और भावना को दर्शाती हैं जो अपनी शैक्षिक और करियर आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करते हैं। उनकी कहानियाँ दृढ़ संकल्प के शक्तिशाली उदाहरण के रूप में कार्य करती हैं।
क्यों मायने रखता है
शारीरिक अक्षमता के बावजूद चिराग जैन की अपने सपनों को पूरा करने की कहानी एक शक्तिशाली प्रेरणा है और यह दिखाती है कि कभी हार नहीं माननी चाहिए।
मुख्य तथ्य
- •Candidate Name: Chirag Jain
- •Exam Given: Clerk Grade-II/Junior Assistant Combined Direct Recruitment Examination-2026
- •Location: Banswara, Rajasthan
- •Disability Cause: Electrocution accident in 2006
- •Previous Achievement: Cleared Third Grade teacher recruitment exam, missed RAS Mains by 11 marks
- •Another Divyang Candidate: Kailash Dama (leg disability)
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