राज्यसभा ने विपक्ष के विरोध के बीच MSME बिल पारित किया
राज्यसभा ने 3 अगस्त, 2026 को विपक्ष के लगातार विरोध के बीच सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया। विधेयक का उद्देश्य 2006 के अधिनियम को प्रतिस्थापित करना और MSME पंजीकरण के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश करना है। यह तरलता संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) को चालान निपटान के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) का उपयोग करने का आदेश देता है। केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी ने भारत के सकल घरेलू उत्पाद, विनिर्माण उत्पादन और निर्यात में MSME क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला, और इसकी वृद्धि के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। विपक्षी सदस्यों ने चर्चा में भाग नहीं लिया और उनके प्रस्तावित संशोधनों को ध्वनि मत से हरा दिया गया।
AI सारांश
3 bulletsराज्यसभा में बिल पारित
राज्यसभा ने 3 अगस्त, 2026 को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया। यह विपक्षी सदस्यों के भारी विरोध और व्यवधान के बीच हुआ, जो केंद्रीय गृह मंत्री से माफी की मांग कर रहे थे।
विधेयक के मुख्य प्रावधान
यह नया विधेयक मौजूदा 2006 के अधिनियम को प्रतिस्थापित करता है और MSMEs के मुफ्त और स्वैच्छिक पंजीकरण के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश करता है। एक प्रमुख उद्देश्य क्षेत्र के भीतर तरलता संबंधी चिंताओं को दूर करना है, जिसके लिए सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) को चालान निपटान के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) का उपयोग करने का आदेश दिया गया है।
मंत्री ने MSME के प्रभाव पर प्रकाश डाला
केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी ने बहस के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था में MSME क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि MSMEs भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 31%, विनिर्माण उत्पादन में 36% और देश के निर्यात में 41% का योगदान करते हैं।
विपक्ष का बहिष्कार और व्यवधान
विपक्षी सदस्यों ने विधेयक पर चर्चा में भाग नहीं लिया, और उनके प्रस्तावित संशोधनों को ध्वनि मत से हरा दिया गया। राज्यसभा के सभापति, सी.पी. राधाकृष्णन ने लगातार व्यवधानों और नारेबाजी पर निराशा व्यक्त की, जिसके कारण सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।
MSMEs के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
मंत्री मांझी ने MSME क्षेत्र के विकास के प्रति नरेंद्र मोदी सरकार के मजबूत समर्थन और प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि MSMEs को वितरित बकाया ऋण 2014-15 में ₹10 लाख करोड़ से बढ़कर ₹38.35 लाख करोड़ से अधिक हो गया है।
क्यों मायने रखता है
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता है, जो सकल घरेलू उत्पाद, विनिर्माण और निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह नया विधेयक क्षेत्र का समर्थन और सुव्यवस्थित करना चाहता है, तरलता के मुद्दों को संबोधित करता है और पंजीकरण प्रक्रियाओं को सरल बनाता है।
मुख्य तथ्य
- •Bill Passed: Micro, Small and Medium Enterprises Development (Amendment) Bill, 2026
- •Date of Passage: August 3, 2026
- •Legislative Body: Rajya Sabha
- •MSME Contribution to GDP: 31%
- •MSME Contribution to Manufacturing: 36%
- •MSME Contribution to Exports: 41%
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