बीजेपी ने उमर अब्दुल्ला के राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन पर साधा निशाना
बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की आलोचना की है, और कहा है कि उनकी पार्टी इसमें शामिल नहीं होगी। विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने अब्दुल्ला पर गैस, राशन, बिजली और रोजगार से जुड़े वादों को पूरा करने में अपनी सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। यह तब आया जब अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक विधायक को पार्टी बदलने के लिए ₹20-30 करोड़, एक मंत्री पद और राज्य का दर्जा बहाल करने की पेशकश की थी, जिसे उन्होंने खारिज कर दिया है। अब्दुल्ला ने ज़ोर देकर कहा कि कोई भी विधायक ₹100 करोड़ के लिए भी उनकी पार्टी नहीं छोड़ेगा, और केंद्र सरकार को उनकी संयम को कमजोरी समझने के खिलाफ आगाह किया।
AI सारांश
3 bulletsबीजेपी ने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार किया
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में भाग लेने से इनकार कर दिया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा कि भाजपा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के आश्वासन पर पूरा भरोसा है।
ध्यान भटकाने के आरोपों का दावा
शर्मा ने उमर अब्दुल्ला पर अपनी सरकार की कथित विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का आरोप लगाया। उन्होंने गैस, राशन, बिजली और रोजगार जैसे मुद्दों का हवाला दिया, जहां सरकार जनता से किए गए अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है।
अब्दुल्ला का पलटवार
इससे पहले, उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के एक विधायक को लुभाकर अपनी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि एनसी के एक विधायक को पार्टी बदलने के बदले में ₹20-30 करोड़, एक मंत्री पद और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया गया था।
विधायक ने प्रस्ताव ठुकराया
अब्दुल्ला ने आगे बताया कि सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने कथित तौर पर जम्मू क्षेत्र के नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक विधायक से इस आकर्षक प्रस्ताव के साथ संपर्क किया था। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि विधायक ने पार्टी के प्रति निष्ठा दिखाते हुए इस प्रस्ताव को दृढ़ता से खारिज कर दिया।
केंद्र सरकार को चेतावनी
उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार को अपनी पार्टी के संयम और शालीनता को कमजोरी समझने के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का एक भी विधायक पार्टी नहीं छोड़ेगा, भले ही उन्हें ₹100 करोड़ की पेशकश की जाए, जो उनकी पार्टी के भीतर मजबूत निष्ठाओं को दर्शाता है।
क्यों मायने रखता है
जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक तनाव में वृद्धि, हॉर्स-ट्रेडिंग के आरोपों और शासन की विफलताओं को लेकर विरोध प्रदर्शनों के बीच, सार्वजनिक विश्वास और क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर रहा है।
मुख्य तथ्य
- •BJP's Stance: BJP will not join Omar Abdullah's protest.
- •BJP's Accusation: Omar Abdullah is diverting attention from governance failures.
- •Abdullah's Allegation: BJP offered ₹20-30 crore, ministerial post, and statehood to an NC MLA.
- •Offer Rejection: NC MLA reportedly rejected the BJP's offer.
- •Abdullah's Warning: No MLA will leave NC even for ₹100 crore; warns against mistaking restraint for weakness.
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