झारखंड राज्यसभा चुनाव में BJP समर्थित नथवानी को क्रॉस वोटिंग से मिली जीत
भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने झारखंड से राज्यसभा सीट जीती है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हराया, जबकि झामुमो के बैद्यनाथ राम ने दूसरी सीट जीती। नथवानी की जीत का श्रेय राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के विधायकों द्वारा की गई क्रॉस-वोटिंग को दिया गया। यह क्रॉस-वोटिंग बिहार राज्यसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस की कार्रवाई के लिए राजद का प्रतिशोध बताया जा रहा है। नथवानी ने झारखंड विधानसभा के सदस्यों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया, जो राज्य से उनका तीसरा कार्यकाल है।
AI सारांश
3 bulletsनथवानी ने जीती राज्यसभा सीट
भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने झारखंड में दो राज्यसभा सीटों में से एक पर जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस के प्रणव झा को हराया, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैद्यनाथ राम ने दूसरी सीट जीती। नथवानी की यह जीत राज्यसभा में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने वाला उनका तीसरा कार्यकाल है।
राजद और सीपीआई(एमएल) लिबरेशन द्वारा क्रॉस-वोटिंग
सूत्रों के अनुसार, परिमल नथवानी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (लिबरेशन) के विधायकों द्वारा की गई क्रॉस-वोटिंग के कारण अपनी जीत सुनिश्चित की। विपक्षी गठबंधन से मिले इस अप्रत्याशित समर्थन ने कांग्रेस उम्मीदवार पर उनकी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बिहार चुनावों का प्रतिशोध
राजद द्वारा की गई क्रॉस-वोटिंग कथित तौर पर 16 मार्च को हुए बिहार राज्यसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस की कार्रवाइयों के खिलाफ एक प्रतिशोधात्मक कदम है। उस चुनाव में, तीन कांग्रेस विधायकों ने मतदान नहीं किया था, जिससे एक राजद उम्मीदवार की हार हुई और एनडीए के पांचवें उम्मीदवार को जीत मिली थी।
मत प्रतिशत और विधानसभा संरचना
बैद्यनाथ राम को 30 वोट मिले, परिमल नथवानी ने 28 वोट हासिल किए, और प्रणव झा को केवल 20 वोट मिले। 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में तीन वोट अमान्य घोषित किए गए। सत्तारूढ़ INDIA ब्लॉक के पास 56 विधायक हैं, जबकि विपक्षी गठबंधन के पास 24 विधायक हैं, जो क्रॉस-वोटिंग के प्रभाव को उजागर करता है।
नथवानी की कृतज्ञतापूर्ण प्रतिक्रिया
अपनी जीत के बाद, परिमल नथवानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की, और कहा कि झारखंड, जो उनकी 'कर्मभूमि' है, से अपना तीसरा कार्यकाल सेवा देना अत्यंत गर्व की बात है। उन्होंने झारखंड और उसके लोगों के हितों और आकांक्षाओं को नई लगन के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
क्यों मायने रखता है
क्रॉस-वोटिंग की यह घटना भारत में गठबंधन की राजनीति की जटिल और अक्सर प्रतिशोधी प्रकृति को उजागर करती है, खासकर राज्यसभा चुनावों के संबंध में। यह गठबंधन संबंधों को तनावग्रस्त कर सकता है और भविष्य की चुनावी रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।
मुख्य तथ्य
- •Winner: Parimal Nathwani (BJP-backed Independent)
- •Other Winner: Baidyanath Ram (JMM)
- •Defeated Candidate: Pranav Jha (Congress)
- •Cross-voted Parties: RJD, CPI (ML) Liberation
- •Date of Election: June 18, 2026
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…