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असम: नामेरी टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या चार गुना बढ़कर 12 हुई

Briovo· 03 Jul 2026, 03:07 pm IST
असम: नामेरी टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या चार गुना बढ़कर 12 हुई

असम के नामेरी टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2022 में 3 से बढ़कर 2025 के अंत तक 12 हो गई है. इस वृद्धि का श्रेय राज्य सरकार के सफल वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को दिया गया है. इसके अतिरिक्त, दशकों बाद सोनाई-रूपाई वन्यजीव अभयारण्य में दो बाघों की वापसी हुई है, जो पर्याप्त वन आवरण, पानी, शिकार और सुरक्षित वातावरण वाले स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है. इस सफलता को क्षेत्र की वन्यजीव संरक्षण पहलों में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिसकी पुष्टि भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) ने भी की है.

AI सारांश

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नामेरी टाइगर रिजर्व की शानदार वापसी

असम के नामेरी टाइगर रिजर्व ने वन्यजीव संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. रिजर्व में बाघों की आबादी 2022 में केवल 3 से बढ़कर 2025 के अंत तक 12 हो गई है, जो सिर्फ तीन वर्षों में चार गुना वृद्धि दर्शाती है.

सरकार ने संरक्षण सफलता की सराहना की

राज्य सरकार ने बाघों की संख्या में इस पर्याप्त वृद्धि को अपने वन्यजीव संरक्षण पहलों के लिए एक बड़ी जीत बताया है. असम के वन एवं पर्यावरण मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने इन आंकड़ों की पुष्टि की, जिन्हें भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) ने भी सत्यापित किया है.

सोनाई-रूपाई अभयारण्य में बाघों की वापसी

संरक्षण की सफलता को बढ़ाते हुए, नामेरी के एक उपग्रह कोर क्षेत्र सोनाई-रूपाई वन्यजीव अभयारण्य में कई दशकों के बाद दो बाघों की वापसी हुई है. यह वापसी एक स्वस्थ और उपयुक्त आवास को दर्शाती है, जो पर्याप्त वन आवरण, पानी, शिकार जानवरों और बड़ी बिल्लियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण की उपस्थिति का संकेत है.

पारिस्थितिक स्वास्थ्य और भविष्य की चुनौतियाँ

बाघों की बढ़ती आबादी एक लचीले वन पारिस्थितिकी तंत्र, प्रचुर शिकार प्रजातियों और प्रभावी संरक्षण प्रयासों का एक मजबूत संकेतक है. हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह वृद्धि नई चुनौतियाँ भी लाती है, जैसे बाघों के लिए पर्याप्त क्षेत्र सुनिश्चित करना, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना और शिकारियों की निरंतर निगरानी करना.

नामेरी टाइगर रिजर्व: एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र

असम के सोनितपुर जिले में स्थित नामेरी राष्ट्रीय उद्यान लगभग 200 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. सोनाई-रूपाई वन्यजीव अभयारण्य, नदुआ आरक्षित वन और बालियापारा आरक्षित वन के साथ मिलकर, यह बड़ा नामेरी टाइगर रिजर्व बनाता है, जो न केवल बाघों के लिए बल्कि हाथियों, तेंदुओं, गौर, हॉर्नबिल और सैकड़ों पक्षी प्रजातियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण निवास स्थान है.

क्यों मायने रखता है

नामेरी टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि और सोनाई-रूपाई वन्यजीव अभयारण्य में बाघों की वापसी सफल संरक्षण रणनीतियों और एक समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाती है, जो व्यापक वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के लिए आशा प्रदान करती है.

मुख्य तथ्य

  • Tiger population in Nameri (2022): 3
  • Tiger population in Nameri…: 12
  • Increase in tiger population: Four-fold
  • Wildlife Institute of India (WII): Confirmed growth
  • Tigers returned to Sonai: 2

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