महंत देवानंद हत्याकांड: पुरातत्व विभाग का कर्मचारी निलंबित
कोटा में महंत देवानंद हत्याकांड के सिलसिले में गिरफ्तार पुरातत्व और संग्रहालय विभाग के कर्मचारी महावीर पारेता को निलंबित कर दिया गया है। स्मारक प्रचारक (चौकीदार) पारेता महंत की हत्या की साजिश में शामिल पाया गया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि उसने महंत की दिनचर्या, मठ के लेआउट और आने-जाने के रास्तों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मुख्य आरोपियों को दी थी। उसे दो साल बाद सेवानिवृत्त होना था। यह निलंबन पुलिस की जांच के आधार पर विभागीय समीक्षा के बाद किया गया है। हत्या की साजिश, जिसमें इसे डकैती का रूप देने के प्रयास भी शामिल थे, की पुलिस द्वारा गहन जांच की जा रही है।
AI सारांश
3 bulletsकर्मचारी का निलंबन सत्यापित
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने स्मारक प्रचारक (चौकीदार) महावीर पारेता को निलंबित कर दिया है, जिसे महंत देवानंद हत्याकांड में फंसाया गया था। यह कार्रवाई उसकी गिरफ्तारी और पुलिस जांच में उसकी हत्या की साजिश में संलिप्तता का खुलासा होने के बाद की गई। विभाग ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर निलंबन आदेश जारी किए।
साजिश में भूमिका उजागर
पुलिस जांच से पता चलता है कि महावीर पारेता ने हत्या की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उसने घटना से करीब चार दिन पहले मुख्य आरोपियों के लिए चंद्रसाल मठ की रेकी करवाई थी। इस दौरान उसने महंत देवानंद महाराज की दिनचर्या, मठ के कमरों की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और आने-जाने के रास्तों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
सेवानिवृत्ति के करीब, करियर समाप्त
महावीर पारेता का करियर समाप्त होने के करीब था, उनकी सेवानिवृत्ति में केवल दो साल बचे थे। इसके बावजूद, हत्या की साजिश में उनकी कथित संलिप्तता के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया, जिससे विभाग में उनका कार्यकाल प्रभावी रूप से समाप्त हो गया। आरोपों की गंभीरता उनके सामने आने वाले गंभीर परिणामों को रेखांकित करती है।
लूट का नाटक करने का प्रयास
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद घटना को लूट का रूप देने का प्रयास किया गया था। आरोपियों को मठ की तिजोरी तोड़ने और बाहर खड़े वाहन को आग लगाने की सलाह दी गई थी, ताकि पुलिस का ध्यान वास्तविक मकसद से हटकर डकैती की ओर चला जाए। यह सुनियोजित चाल जांच को गुमराह करने के लिए बनाई गई थी।
क्यों मायने रखता है
एक सरकारी कर्मचारी का निलंबन महंत देवानंद हत्याकांड के दूरगामी प्रभावों को उजागर करता है, यह दर्शाता है कि कैसे विश्वास के पदों पर बैठे व्यक्ति गंभीर अपराधों में फंस सकते हैं और उसके बाद विभाग द्वारा की गई कार्रवाई।
मुख्य तथ्य
- •Arrested Employee: Mahaveer Pareta
- •Department: Archaeology and Museums Department
- •Designation: Monuments Promoter (Chowkidar)
- •Crime Involvement: Conspiracy in Mahant Devanand murder
- •Retirement Status: 2 years remaining
- •Departmental Action: Suspended
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