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जैसलमेर में बिजली कटौती से गहराया जल संकट

Briovo· 12 Jul 2026, 08:38 pm IST
जैसलमेर में बिजली कटौती से गहराया जल संकट

बाड़मेर लिफ्ट परियोजना में विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण जैसलमेर गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। इससे जल आपूर्ति में भारी कमी आई है, और निवासियों को अब प्रतिदिन के बजाय 5 से 8 दिनों के अंतराल पर पानी मिल रहा है। हजारों परिवार निजी पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है और खर्च बढ़ गए हैं। इस स्थिति ने सार्वजनिक आक्रोश को जन्म दिया है और रेगिस्तानी क्षेत्र में स्थायी, विश्वसनीय जल समाधान की मांग की जा रही है। 90,000 की अनुमानित आबादी वाला यह शहर, जो 45 वार्डों में विभाजित है, को रोजाना 18 एमएल पानी की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल 50% ही मिल पा रहा है।

AI सारांश

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बिजली कटौती से संकट गहराया

जैसलमेर इस समय गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहा है, जिसका मुख्य कारण बाड़मेर लिफ्ट परियोजना की विद्युत आपूर्ति में बाधा है। इस व्यवधान ने जल उत्पादन क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे पूरे शहर में अनियमित आपूर्ति हो रही है। निवासियों को अब पानी की डिलीवरी के बीच महत्वपूर्ण अंतराल का सामना करना पड़ रहा है, जिससे व्यापक संकट और दैनिक जीवन में जटिलताएं आ रही हैं।

अनियमित आपूर्ति और जनजीवन पर असर

शहर, जो 45 वार्डों में विभाजित है और जिसकी अनुमानित आबादी 90,000 है, को आमतौर पर प्रतिदिन 18 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होती है। हालांकि, मौजूदा संकट के कारण, इस मांग का केवल 50% ही पूरा हो पा रहा है, पानी हर 5 से 8 दिनों में एक बार आ रहा है। इस गंभीर स्थिति ने हजारों परिवारों को निजी पानी के टैंकरों पर निर्भर रहने के लिए मजबूर कर दिया है, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है और दैनिक असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

बुनियादी ढांचे को नुकसान से उत्पादन प्रभावित

वर्तमान जल संकट का मूल कारण बाड़मेर लिफ्ट परियोजना के मोहनगढ़ हेडवर्क्स को बिजली की आपूर्ति करने वाले क्षतिग्रस्त बिजली के टावर हैं। इस क्षति ने जल उत्पादन प्रणाली को पंगु बना दिया है, जिससे वितरण के लिए उपलब्ध पानी में काफी कमी आई है। संबंधित विभाग द्वारा चल रहे मरम्मत प्रयासों के बावजूद, सामान्य स्थिति में वापसी एक दूर का सपना लग रही है, जिससे जनता में हताशा बढ़ रही है।

निजी टैंकरों पर बढ़ती निर्भरता

पानी की तीव्र कमी के कारण निजी पानी के टैंकरों की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिससे कई निवासियों को पानी के लिए अत्यधिक कीमतें चुकानी पड़ रही हैं। मांग में इस उछाल के परिणामस्वरूप टैंकरों के आने पर पानी भरने की होड़ भी मच गई है। तपती गर्मी इस संघर्ष को और तेज कर देती है, जिससे सार्वजनिक चिंता और निराशा बढ़ रही है।

मजबूत वैकल्पिक प्रणालियों की मांग

सामुदायिक संगठन और जन प्रतिनिधि ज़ोरदार तरीके से मांग कर रहे हैं कि सरकार न केवल तुरंत जल आपूर्ति बहाल करे, बल्कि एक स्थायी और विश्वसनीय वैकल्पिक जल प्रणाली भी स्थापित करे। वे इस बात पर जोर देते हैं कि जैसलमेर, एक रेगिस्तानी जिला होने के नाते, तकनीकी खराबी या प्राकृतिक आपदाओं के कारण बार-बार होने वाले जल संकट से बचने के लिए एक मजबूत बैकअप प्रणाली की आवश्यकता है। इस मुद्दे की बार-बार की प्रकृति दीर्घकालिक समाधानों की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।

क्यों मायने रखता है

जैसलमेर में यह जल संकट रेगिस्तानी क्षेत्रों में मजबूत बुनियादी ढांचे और वैकल्पिक जल आपूर्ति तंत्र की महत्वपूर्ण आवश्यकता को उजागर करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्राथमिक प्रणालियों के विफल होने पर भी बुनियादी जरूरतें पूरी हों।

मुख्य तथ्य

  • Water Supply Interval: 5-8 days
  • Estimated Population of Jaisalmer: 90,000
  • Daily Water Requirement: 18 Million Liters (ML)
  • Current Water Supply: 50% of daily requirement
  • Affected Households: Thousands

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