ओवैसी ने तेलंगाना मतदाता सूची फॉर्म में पांच बच्चों तक की सीमा पर उठाए सवाल

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना की मतदाता सूची के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की आलोचना की, आरोप लगाया कि जनगणना फॉर्म में केवल पांच बच्चों तक की जानकारी दर्ज करने की सीमा है। उन्होंने तर्क दिया कि कोई भी भारतीय कानून परिवार के आकार के आधार पर नागरिकों को मतदान से वंचित नहीं करता है, संवैधानिक मतदान अधिकारों का हवाला देते हुए। ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बड़े परिवारों से आने के उदाहरणों का उल्लेख करते हुए, फॉर्म के निहित पूर्वाग्रह पर सवाल उठाया। SIR अभ्यास 15 जून से शुरू होगा, जिसमें 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर सत्यापन होगा, जिसका लक्ष्य 1 अक्टूबर तक अंतिम मतदाता सूची जारी करना है।
क्यों मायने रखता है
यह मुद्दा मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान संभावित मताधिकार से वंचित करने और संवैधानिक मतदान अधिकारों को चुनौती देने संबंधी चिंताओं को उजागर करता है, जो यूपीएससी राजनीति और शासन के विषयों के लिए प्रासंगिक है। यह ऐसी नीतियों के जनसांख्यिकीय प्रभावों को भी छूता है।
मुख्य तथ्य
- •Politician: Asaduddin Owaisi
- •Process: Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls
- •Starting Date of SIR: June 15
- •Door-to-door verification period: June 25 to July 24
- •Final Electoral Roll Publication: October 1
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