फलसूंड में पल्स पोलियो अभियान की तैयारी
फलसूंड में रविवार को 0-5 वर्ष के बच्चों के लिए व्यापक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। टीकाकरण अभियान से एक दिन पहले, शनिवार को विभिन्न उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं। स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा स्वयंसेविकाएं और स्थानीय नेताओं ने "दो बूंद जिंदगी की" संदेश का प्रचार किया, ताकि माता-पिता अपने बच्चों का टीकाकरण करवाएं। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज कुमार ने सभी माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को पोलियो ड्राॅप्स अवश्य दिलवाएं, और जोर देकर कहा कि कोई भी बच्चा टीका रहित न छूटे। जो लोग बूथ पर टीकाकरण से वंचित रह जाएंगे, उन्हें बाद में घर-घर जाकर कवर किया जाएगा।
AI सारांश
3 bulletsरविवार को होगा पोलियो अभियान
फलसूंड क्षेत्र में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो महाअभियान आयोजित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य 0 से 5 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को पोलियो रोधी दवा की खुराक पिलाकर उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना है।
जागरूकता रैलियां आयोजित
मुख्य अभियान से एक दिन पहले शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यापक स्तर पर जागरूकता रैलियों का आयोजन किया गया। इन रैलियों का उद्देश्य ग्रामीणों और अभिभावकों को अपने बच्चों को पोलियो का टीका लगवाने के लिए प्रेरित करना था।
सामुदायिक भागीदारी और नारे
इन रैलियों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक सक्रिय रूप से शामिल हुए। उन्होंने "दो बूंद जिंदगी की" जैसे नारों के साथ पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया, जिससे अभियान के महत्व के बारे में जन जागरूकता प्रभावी ढंग से बढ़ी।
चिकित्सा अधिकारी की अपील
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. नीरज कुमार ने जोर देकर कहा कि 0 से 5 वर्ष की आयु का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे रविवार सुबह अपने नजदीकी पोलियो बूथ पर पहुंचकर बच्चों को दवा अवश्य पिलाएं।
घर-घर टीकाकरण योजना
डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि जो बच्चे बूथ पर खुराक लेने से छूट जाएंगे, उन्हें अगले दिन कवर किया जाएगा। छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दौरा करेंगे।
क्यों मायने रखता है
पल्स पोलियो अभियान पोलियो उन्मूलन और छोटे बच्चों को इस दुर्बल करने वाली बीमारी से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापक भागीदारी सामुदायिक प्रतिरक्षा सुनिश्चित करती है और प्रकोपों को रोकती है।
मुख्य तथ्य
- •Campaign Date: Sunday
- •Target Age Group: 0-5 years
- •Awareness Rallies Held: Saturday
- •Campaign Location: Phalsund area
- •Medical Officer: Dr. Neeraj Kumar
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