केवीके ने लोहटा में किसानों को खजूर मूल्य-संवर्धन का प्रशिक्षण दिया
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) पोकरण ने जैसलमेर के लोहटा गांव में खजूर की खेती में मूल्य संवर्धन और उद्यमिता विकास पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य किसानों को ताजे फल बेचने के बजाय खजूर को मूल्यवर्धित उत्पादों में बदलने के लिए प्रोत्साहित कर उनकी आय बढ़ाना है। विशेषज्ञों ने उत्पाद विकास, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और ऑनलाइन सहित विपणन पर व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया ताकि जैसलमेर के खजूर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। इस क्षेत्र की शुष्क जलवायु खजूर की खेती के लिए अत्यधिक अनुकूल है।
AI सारांश
3 bulletsमूल्य संवर्धन से किसानों की आय में वृद्धि
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) पोकरण ने हाल ही में जैसलमेर के लोहटा गांव में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। यह एक दिवसीय आयोजन खजूर उत्पादों के मूल्य संवर्धन और किसानों, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के बीच उद्यमशीलता कौशल को बढ़ावा देने पर केंद्रित था। इस पहल को प्रतिभागियों को अपनी खजूर फसलों से अधिक आय उत्पन्न करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
जैसलमेर की खजूर खेती के लिए आदर्श जलवायु
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. दशरथ प्रसाद ने जैसलमेर की खजूर की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियों पर प्रकाश डाला। इस क्षेत्र की शुष्क जलवायु, न्यूनतम वर्षा और भरपूर धूप खजूर की खेती के लिए एक आदर्श वातावरण बनाती है। ताजी खजूर को संसाधित करके किसान अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।
विशेषज्ञ मार्गदर्शन और व्यावहारिक प्रशिक्षण
विषय विशेषज्ञ डॉ. सुनील शर्मा ने खजूर से बनाए जा सकने वाले विभिन्न उत्पादों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। डॉ. रामनिवास ने किसानों से मूल्य संवर्धन के लिए प्राकृतिक संसाधनों का लाभ उठाने का आग्रह किया, जिसका लक्ष्य जैसलमेर की खजूर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाना है। प्रशिक्षण में चयन, सफाई, गुणवत्ता नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा मानक, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग रणनीतियों पर व्यावहारिक प्रदर्शन और अंतर्दृष्टि शामिल थी।
क्यों मायने रखता है
कृषि में मूल्य संवर्धन बढ़ाना, विशेषकर खजूर जैसी फसलों के लिए, किसानों की आजीविका में काफी सुधार कर सकता है और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकता है। यह पहल जैसलमेर के स्थानीय किसानों को बेहतर बाज़ार मूल्य प्राप्त करने और अपनी पहुँच बढ़ाने के कौशल से लैस करके उनका समर्थन करती है।
मुख्य तथ्य
- •Organizer: Krishi Vigyan Kendra (KVK) Pokhran
- •Location: Lohta village, Lathi Gram Panchayat, Jaisalmer
- •Focus: Date palm value addition & entrepreneurship
- •Participants: Farmers, rural youth, women
- •Climate suitability: Jaisalmer's arid climate (dry, low rain, abundant sun)
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