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महाराष्ट्र के सभी स्कूलों-कॉलेजों में नशामुक्ति पैनल बनेंगे

Briovo· 29 Jul 2026, 10:57 am IST
महाराष्ट्र के सभी स्कूलों-कॉलेजों में नशामुक्ति पैनल बनेंगे

महाराष्ट्र सरकार ने छात्रों में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से निपटने के लिए सभी स्कूलों और कॉलेजों में नशामुक्ति मार्गदर्शन और परामर्श समितियाँ स्थापित करने की घोषणा की है। यह पहल 'ड्रग्स-फ्री मुंबई' अभियान को राज्यव्यापी स्तर पर विस्तारित करती है, जिसका उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना, परामर्श प्रदान करना और शुरुआती व्यवहार परिवर्तनों की पहचान करना है। समितियाँ माता-पिता और शिक्षकों के बीच समन्वय को भी सुगम बनाएंगी और छात्रों को विशेषज्ञों के पास भेजेंगी। यह कदम 2029 तक नशामुक्त भारत के केंद्र सरकार के लक्ष्य के अनुरूप है और इसमें छात्र, शिक्षक, माता-पिता और स्वैच्छिक संगठनों सहित विभिन्न हितधारक शामिल होंगे।

AI सारांश

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राज्यव्यापी नशामुक्ति पहल

महाराष्ट्र सरकार ने सभी स्कूलों और कॉलेजों में नशामुक्ति मार्गदर्शन और परामर्श समितियाँ स्थापित करके नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से लड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य राज्य भर के छात्रों के बीच बढ़ती नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की समस्या से निपटना है। यह पहल सफल 'ड्रग्स-फ्री मुंबई' अभियान का सीधा विस्तार है।

समितियों का उद्देश्य

ये नवगठित समितियाँ कई गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होंगी। उनके मुख्य कार्यों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना, छात्रों में शुरुआती व्यवहार परिवर्तनों की पहचान करना और आवश्यक परामर्श प्रदान करना शामिल है। वे माता-पिता और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय की सुविधा भी प्रदान करेंगे, और आवश्यक समझे जाने पर छात्रों को विशेषज्ञ विशेषज्ञों के पास भेजेंगे।

राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ संरेखण

यह राज्यव्यापी अभियान 2029 तक भारत को नशामुक्त राष्ट्र बनाने के केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के अनुरूप है। शैक्षणिक संस्थानों में नशामुक्त वातावरण को बढ़ावा देकर, महाराष्ट्र इस राष्ट्रीय उद्देश्य में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहता है। यह पहल सामाजिक कल्याण की दिशा में एक सहयोगात्मक प्रयास को रेखांकित करती है।

हितधारकों की भागीदारी

अब राज्यव्यापी विस्तार वाला 'ड्रग्स-फ्री मुंबई' अभियान हितधारकों के एक व्यापक स्पेक्ट्रम को शामिल करेगा। इसमें छात्र, शिक्षक, माता-पिता, विभिन्न स्वैच्छिक संगठन, मनोचिकित्सक और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) जैसे युवा समूह शामिल हैं। अभियान की सफलता के लिए उनकी सामूहिक भागीदारी महत्वपूर्ण है।

क्यों मायने रखता है

छात्रों में नशीले पदार्थों का सेवन एक बढ़ती हुई चिंता है, जो उनके स्वास्थ्य, शैक्षणिक प्रदर्शन और भविष्य को प्रभावित करता है। इस पहल का उद्देश्य शैक्षिक संस्थानों के भीतर व्यापक सहायता और जागरूकता प्रदान करके, युवाओं के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण को बढ़ावा देकर इस मुद्दे से जड़ से निपटना है।

मुख्य तथ्य

  • Initiative: De-addiction Guidance and Counselling Committees
  • Scope: All schools and colleges in Maharashtra
  • Goal: Curb substance abuse among students, achieve drug-free India by 2029
  • Campaign Model: Drugs-Free Mumbai, to be implemented statewide
  • Official Launch (Drugs-Free Mumbai): July 30, Worli Dome

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