महाराष्ट्र ATS ने पाकिस्तानी गैंगस्टर से जुड़े 102 लोगों की जांच शुरू की
महाराष्ट्र एटीएस राज्य भर में 102 व्यक्तियों की पाकिस्तानी गैंगस्टर शाहज़ाद भट्टी से कथित संबंधों को लेकर जांच कर रही है। भट्टी पर सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप) का उपयोग कर संवेदनशील भारतीय युवाओं, विशेषकर बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के लिए कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने का संदेह है। इस अभियान में 14 एटीएस इकाइयों की 58 टीमें शामिल हैं। एटीएस ने संदिग्ध ऑनलाइन संपर्कों और प्रस्तावों के खिलाफ सावधानी बरतने और माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी करने का आग्रह करते हुए एक सार्वजनिक सलाह जारी की है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि ये नेटवर्क जानकारी इकट्ठा करने, नशीले पदार्थों की तस्करी और हथियारों की आवाजाही में शामिल हो सकते हैं।
AI सारांश
3 bulletsराज्यव्यापी जांच शुरू
महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शाहज़ाद भट्टी से संबंध रखने के शक में 102 व्यक्तियों की राज्यव्यापी जांच शुरू की है। महाराष्ट्र भर में 14 एटीएस इकाइयों की 58 टीमों को शामिल करते हुए यह महत्वपूर्ण अभियान 10 जुलाई, 2026 को शुरू हुआ, जिसमें भट्टी के साथ हाल ही में संपर्क में आए लोगों को निशाना बनाया गया।
कार्यप्रणाली: ऑनलाइन कट्टरता
भट्टी और उसके सहयोगी, जिनमें आबिद जट भी शामिल है, कथित तौर पर भारत में अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। वे कथित तौर पर कमजोर, बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को दुष्प्रचार, वित्तीय प्रलोभन और सामाजिक तथा धार्मिक विभाजन पैदा करने वाली सामग्री के साथ लक्षित करते हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा
एटीएस को संदेह है कि भर्ती किए गए व्यक्तियों को ऐसी गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है जो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं। इन गतिविधियों में संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करना, नशीली दवाओं की तस्करी की सुविधा प्रदान करना और अवैध हथियारों की आवाजाही में सहायता करना शामिल हो सकता है। यह भी दावा किया गया है कि यह नेटवर्क स्थानीय स्लीपर सेल स्थापित करने का लक्ष्य रखता है।
सार्वजनिक सलाह जारी
बढ़ते खतरे के जवाब में, एटीएस ने एक सार्वजनिक सलाह जारी की है, जिसमें नागरिकों, विशेषकर युवाओं से ऑनलाइन बातचीत में अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है। एजेंसी अज्ञात व्यक्तियों के साथ जुड़ने या अजनबियों से आकर्षक प्रस्ताव स्वीकार करने के खिलाफ चेतावनी देती है, क्योंकि ये आपराधिक या आतंकवादी नेटवर्क के लिए मोर्चे हो सकते हैं। माता-पिता को भी अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी करने की सलाह दी जाती है।
क्यों मायने रखता है
यह जांच भारतीय युवाओं को निशाना बनाने वाले बाहरी शत्रुतापूर्ण तत्वों द्वारा ऑनलाइन कट्टरता और भर्ती के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम पैदा होता है।
मुख्य तथ्य
- •Agency: Maharashtra Anti-Terrorism Squad (ATS)
- •Individuals under probe: 102
- •Gangster: Shahzad Bhatti (Pakistan)
- •Social Media Platforms Used: Facebook, Instagram, Telegram, WhatsApp
- •ATS Teams Involved: 58 teams from 14 units
- •Alleged Activities: Online recruitment, propaganda, financial inducements for anti-national activities
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