पटनायक ने भारतीय हॉकी जर्सी के भगवा रंग पर भाजपा को घेरा
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग कथित तौर पर नीले से भगवा करने को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की है। भारतीय हॉकी के एक प्रमुख संरक्षक पटनायक ने कहा कि यह निर्णय खेल प्रेमियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है और देश की खेल विरासत का अनादर करता है। उन्होंने जोर दिया कि अशोक चक्र से प्रेरित नीला रंग राष्ट्रीय गौरव और एकता का प्रतीक है, और इसे बदलना भारत की अमूल्य खेल विरासत को मिटाने का प्रयास है। पटनायक ने भाजपा पर "छोटी राजनीति" में शामिल होने का आरोप लगाया और ओडिशा के टीमों के पिछले समर्थन को देखते हुए इस बदलाव के समय पर सवाल उठाया।
AI सारांश
3 bulletsपटनायक ने जर्सी के रंग बदलने की निंदा की
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य की भाजपा सरकार की भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग पारंपरिक नीले से भगवा करने के कथित बदलाव के लिए कड़ी आलोचना की है। उन्होंने एक्स पर एक भावुक पोस्ट में अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि इस फैसले से देश भर के अनगिनत खेल प्रेमियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने जोर दिया कि प्रतिष्ठित नीला रंग सिर्फ एक शेड नहीं है, बल्कि भारत की समृद्ध खेल विरासत से जुड़ी एक भावना है।
नीली जर्सी का ऐतिहासिक महत्व
पटनायक ने नीली जर्सी के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दशकों से यह रंग भारतीयों को आशा, जीत और हार के क्षणों में एकजुट करता रहा है। उन्होंने भारतीय टीमों के ओलंपिक पदक जीतने के उन क्षणों को याद किया जब वे गर्व से नीली जर्सी पहनकर विश्व मंच पर राष्ट्रगान बजते हुए थे। पटनायक ने आगे बताया कि नीला रंग राष्ट्रीय ध्वज में मौजूद नीले चक्र से लिया गया है, जो इसे राष्ट्रीय गौरव और पहचान का एक शक्तिशाली प्रतीक बनाता है जो हर भारतीय का है।
भारतीय हॉकी के लिए ओडिशा का समर्थन
पूर्व मुख्यमंत्री ने भारतीय हॉकी का समर्थन करने में ओडिशा की महत्वपूर्ण भूमिका की भी याद दिलाई। उन्होंने बताया कि जब राष्ट्रीय हॉकी टीमें प्रायोजकों के लिए संघर्ष कर रही थीं, तब ओडिशा राष्ट्रीय टीमों और खेल का समर्थन करने वाला पहला और एकमात्र राज्य बनकर इतिहास रच गया था। उन्होंने कहा कि इस समर्थन के कारण पुरुषों की टीम ने 41 साल बाद ओलंपिक पदक जीता, जिससे विश्व स्तर पर प्रत्येक ओडिया को immense गौरव प्राप्त हुआ।
'छोटी राजनीति' के आरोप
पटनायक ने जर्सी का रंग बदलकर भाजपा सरकार पर "सबसे खराब तरह की छोटी राजनीति" में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने भारत की नीली जर्सी की तुलना अर्जेंटीना की प्रतिष्ठित धारियों और ब्राजील की पीली जर्सी से की, यह कहते हुए कि यह राष्ट्र की सामूहिक स्मृति में अंकित है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इस रंग में कोई भी बदलाव "हमारी अमूल्य खेल विरासत को मिटाने का एक घटिया प्रयास है।" पटनायक का मानना है कि यह कदम ओडिशा में भाजपा सरकार के दबाव में लिया गया होगा, उन्होंने सार्वजनिक संपत्तियों के रंग बदलने के प्रति उनके कथित जुनून का हवाला दिया।
क्यों मायने रखता है
भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग को लेकर विवाद खेल के राजनीतिकरण को उजागर करता है, एक ऐसा कदम जो संभावित रूप से प्रशंसकों को अलग-थलग कर सकता है और राष्ट्रीय खेल पहचान को कमजोर कर सकता है। यह ओडिशा में बीजद और भाजपा के बीच चल रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को भी सामने लाता है, जिसमें राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों का उपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।
मुख्य तथ्य
- •Criticism: Former Odisha CM Naveen Patnaik criticized BJP government.
- •Issue: Indian hockey team jersey color changed from blue to saffron.
- •Reason for blue: Blue is iconic, inspired by Ashoka Chakra, and symbolizes national pride.
- •Patnaik's Stance: Change is 'petty politics' and an attempt to erase sporting legacy.
- •Odisha's Role: Odisha was instrumental in sponsoring Indian hockey teams when they struggled.
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