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मीणा का RAS में फर्जी OBC सर्टिफिकेट का आरोप, डोटासरा के खिलाफ FIR की मांग

Briovo· 23 Jun 2026, 06:18 pm IST
मीणा का RAS में फर्जी OBC सर्टिफिकेट का आरोप, डोटासरा के खिलाफ FIR की मांग

राजस्थान के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा और उनके समधी रमेशचंद पूनिया पर RAS भर्ती प्रक्रिया में फर्जी OBC प्रमाण पत्रों का उपयोग कर अनुचित लाभ उठाने का आरोप लगाया है। मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर इस मामले में FIR और जांच की मांग की है। उन्होंने साक्षात्कार के अंकों में विसंगतियों पर प्रकाश डाला, गरिमा जिंदल का उदाहरण दिया, जिन्हें मुख्य परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के बावजूद कम साक्षात्कार अंक मिले, जबकि डोटासरा के बेटे अविनाश को उच्च साक्षात्कार अंक मिले, जो उनके चयन के लिए महत्वपूर्ण थे। मीणा ने योग्य उम्मीदवारों के अधिकारों की रक्षा और सिस्टम में विश्वास बहाल करने के लिए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।

AI सारांश

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गंभीर आरोप लगाए गए

राजस्थान के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और उनके समधी रमेशचंद पूनिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मीणा का आरोप है कि उन्होंने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) भर्ती प्रक्रिया में अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाए। मंत्री ने इन दावों की एफआईआर दर्ज कर गहन जांच की औपचारिक मांग की है।

संदिग्ध भर्ती प्रक्रियाएँ

मीणा के पत्र में RAS 2016 की चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया है। उन्होंने कहा कि डोटासरा के बेटे अविनाश का चयन मुख्य रूप से 85 अंकों के असामान्य रूप से उच्च साक्षात्कार अंकों के कारण हुआ। इसकी तुलना गरिमा जिंदल नामक एक अन्य उम्मीदवार से की गई, जिन्होंने मुख्य परीक्षा में सर्वाधिक अंक (425) प्राप्त करने के बावजूद साक्षात्कार में केवल 25 अंक प्राप्त किए, जिससे अंततः उनका चयन नहीं हो सका।

निष्पक्ष जांच की मांग

मंत्री मीणा ने मुख्यमंत्री शर्मा से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है, इस बात पर जोर देते हुए कि यह मुद्दा योग्य और वंचित उम्मीदवारों के अधिकारों को प्रभावित करता है। उन्होंने बल दिया कि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने और राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं में जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए एक निष्पक्ष और निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई करने में विफलता से युवाW उम्मीदवारों का विश्वास कम हो सकता है।

व्यापक राजनीतिक निहितार्थ

इन गंभीर आरोपों ने राजस्थान में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है, जो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ने की संभावना को दर्शाता है। हालांकि सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है, लेकिन आरोपों से तीखी बहस और सार्वजनिक जांच बढ़ने की उम्मीद है। मीणा ने आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसियों को सभी आवश्यक प्रमाण उपलब्ध कराने की अपनी तत्परता व्यक्त की है।

क्यों मायने रखता है

एक कैबिनेट मंत्री द्वारा भर्ती अनियमितताओं के संबंध में एक प्रमुख विपक्षी नेता पर लगाए गए आरोप सरकार की पारदर्शिता और निष्पक्षता में जनता के विश्वास को काफी प्रभावित कर सकते हैं, खासकर RAS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के संबंध में।

मुख्य तथ्य

  • Accuser: Kirodi Lal Meena (Cabinet Minister, Rajasthan)
  • Accused: Govind Singh Dotasra (Congress State President) and Rameshchand Poonia (Dotasra's son-in-law)
  • Allegation: Used fake OBC certificates for undue advantage in RAS recruitment
  • Key Demand: FIR and investigation
  • Specific Case Highlighted: Dotasra's son Avinash's selection in RAS 2016 with high interview marks, contrasting with Garima Jindal's low interview score despite high main exam marks.

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