कर्नाटक में कम उम्र में शराब पीने पर अंकुश लगाने के लिए सख्त आयु सत्यापन लागू

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने राज्य भर में पब और बार सहित सभी शराब परोसने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्त आयु सत्यापन लागू करने का आदेश दिया है। इस कदम का उद्देश्य कम उम्र में शराब पीने और किशोरों में मादक द्रव्यों के सेवन पर अंकुश लगाना है, यह ऐसे एक अध्ययन के बाद किया गया जिसमें सामने आया कि हर तीन में से एक किशोर शराब या तंबाकू के उपयोग के कारण जोखिम में है, कुछ तो आठ साल की उम्र से ही इसका सेवन शुरू कर देते हैं। शराब परोसने वाले प्रतिष्ठानों को सरकार द्वारा जारी आईडी की जांच करनी होगी, और उल्लंघन के लिए मालिकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। कर्नाटक में शराब पीने की कानूनी उम्र 21 साल बनी हुई है।
क्यों मायने रखता है
यह पहल किशोरों में मादक द्रव्यों के सेवन से संबंधित एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दे का समाधान करती है। यह नीति प्रवर्तन के माध्यम से सरकारी हस्तक्षेप का एक उदाहरण है, जो यूपीएससी/एसएससी के लिए सामाजिक न्याय, सार्वजनिक स्वास्थ्य और राज्य शासन जैसे विषयों में प्रासंगिक है।
मुख्य तथ्य
- •Legal Drinking Age in Karnataka: 21 years
- •Karnataka Home Minister: Priyank Kharge
- •Adolescents at risk from alcohol/tobacco: 1 in 3
- •Median age for starting alcohol consumption: 17 years
- •Number of students surveyed in Bengaluru study: 4093
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