माल्या के वकीलों ने केस लड़ने से किया इनकार
भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के वकीलों ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया है कि वे अब उनका प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते क्योंकि माल्या उनसे संपर्क में नहीं हैं। लॉ फर्म, खैतान एंड कंपनी, ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से संबंधित मामलों से हटने की अनुमति मांगी। हालांकि, ईडी ने इसका विरोध करते हुए तर्क दिया कि दिल्ली हाई कोर्ट के नियमों के अनुसार, वकीलों को हटने से पहले अपने मुवक्किल को नोटिस देना होगा। कोर्ट ने माल्या के वकीलों को उचित प्रक्रिया का पालन करने का निर्देश दिया है और सुनवाई अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है। यह घटनाक्रम माल्या की लगातार कानूनी मुश्किलों में इजाफा करता है।
AI सारांश
3 bulletsवकीलों ने वापसी की मांग की
भगोड़े कारोबारी विजय माल्या का प्रतिनिधित्व कर रही लॉ फर्म खैतान एंड कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है ताकि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से संबंधित मामलों से हटने की अनुमति मिल सके। उन्होंने अदालत को बताया कि माल्या लंबे समय से उनसे संपर्क में नहीं हैं और मामलों के संबंध में कोई निर्देश नहीं दे रहे हैं।
ईडी ने वापसी का विरोध किया
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वकीलों की वापसी की याचिका का विरोध किया। ईडी ने तर्क दिया कि दिल्ली हाई कोर्ट के नियमों के अनुसार, किसी भी वकील को केस से हटने से पहले अपने मुवक्किल को औपचारिक नोटिस देना होगा। इस प्रक्रियात्मक कदम के बिना, वकीलों को उनके कर्तव्यों से मुक्त नहीं किया जा सकता है।
कोर्ट ने उचित प्रक्रिया का निर्देश दिया
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, दिल्ली हाई कोर्ट ने माल्या के वकीलों को दिल्ली हाई कोर्ट और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा निर्धारित आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया। अदालत ने प्रतिनिधित्व से हटने से पहले उचित कानूनी प्रोटोकॉल का पालन करने के महत्व पर जोर दिया।
सुनवाई अगस्त तक स्थगित
अदालत के प्रक्रियात्मक अनुपालन के निर्देश के बाद, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है। यह देरी माल्या के कानूनी प्रतिनिधियों को वापसी की आवश्यकताओं को पूरा करने का समय देती है, जिससे व्यवसायी के खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही और लंबी खिंच जाती है।
मामले की पृष्ठभूमि
विचाराधीन मामला 2004 के विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत कार्यवाही से संबंधित है। ईडी ने हाई कोर्ट में निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 'यूनाइटेड ब्रुअरीज' को राहत दी गई थी। यह विशेष मामला पिछले 22 सालों से दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है।
क्यों मायने रखता है
यह घटनाक्रम विजय माल्या की भारत में चल रही कानूनी लड़ाइयों को और अधिक जटिल बना सकता है, जिससे कार्यवाही में देरी हो सकती है और विदेश से अपना बचाव करने की उनकी क्षमता प्रभावित हो सकती है।
मुख्य तथ्य
- •Client Non: Vijay Mallya's lawyers state he has not been in contact.
- •Law Firm: Khaitan and Co. sought to withdraw from cases.
- •Court Responded: Delhi High Court directed lawyers to follow procedural rules.
- •Next Hearing: Case adjourned to August.
- •Case Origin: Related to 2004 FEMA proceedings and an ED challenge.
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