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राजस्थान: मंत्री ने सफाईकर्मी नियुक्तियों पर नौकरशाही के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

Briovo· 12 Aug 2026, 08:30 pm IST
राजस्थान: मंत्री ने सफाईकर्मी नियुक्तियों पर नौकरशाही के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा ने अलवर में अपनी ही सरकार की नौकरशाही के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसमें 2012 की भर्ती के 329 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की गई। मंत्री ने जिला अधिकारियों पर उच्च न्यायालय के आदेशों और विभागीय स्वीकृतियों के बावजूद नियुक्तियों में देरी का आरोप लगाया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए मंत्री के विरोध को व्याप्त भ्रष्टाचार और नौकरशाही की अक्षमता का प्रमाण बताया। यह मुद्दा राजस्थान में महत्वपूर्ण राजनीतिक घर्षण और प्रशासनिक चुनौतियों को उजागर करता है, जिसमें डोटासरा ने कहा कि जनता "अराजक भ्रष्ट व्यवस्था" देख रही है।

AI सारांश

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अलवर में मंत्री का विरोध

राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा ने अलवर नगर निगम परिसर के भीतर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी ही सरकार की नौकरशाही के खिलाफ धरना दिया, विशेष रूप से सफाई कर्मचारियों की नियुक्तियों में देरी के संबंध में। इस कार्रवाई ने राज्य में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।

नियुक्तियों में देरी का विवाद

इस मुद्दे का मूल अलवर नगर निगम में 2012 की सफाई कर्मचारी भर्ती के 329 चयनित उम्मीदवारों से संबंधित है जिन्हें अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं मिले हैं। उच्च न्यायालय के उनके पक्ष में फैसला सुनाने और स्वायत्त शासन विभाग की मंजूरी के बावजूद, स्थानीय अधिकारियों ने पत्राचार के मुद्दों का हवाला देते हुए महीनों तक प्रक्रिया में देरी की है।

मंत्री ने अधिकारियों पर लगाए आरोप

मंत्री शर्मा ने अलवर के जिला कलेक्टर और तत्कालीन नगर निगम आयुक्त पर जानबूझकर नियुक्तियों में देरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने उनके रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय और डीएलबी के निर्देशों के बावजूद, अधिकारी असहयोगी रहे। शर्मा ने सुझाव दिया कि अधिकारियों की मंशा नियुक्तियों को सुविधाजनक बनाने की नहीं थी।

विपक्ष की कड़ी आलोचना

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार और उसके प्रशासन की कड़ी आलोचना की, मंत्री के विरोध को व्याप्त भ्रष्टाचार और नौकरशाही के अत्यधिक हस्तक्षेप के सबूत के रूप में उद्धृत किया। उन्होंने कहा कि मंत्रियों की चिंताओं को भी नजरअंदाज किया जा रहा है और अदालती आदेशों की अवहेलना की जा रही है, जिससे अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। डोटासरा ने दावा किया कि जनता इस अराजकता को देख रही है और वर्तमान व्यवस्था के पतन की भविष्यवाणी की।

हस्तक्षेप की मांग

मंत्री संजय शर्मा ने पुष्टि की कि इस मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया गया है, जिसमें स्वायत्त शासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा को एक पत्र भेजा गया है। उन्होंने लंबे समय से लंबित मुद्दे को हल करने और यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया कि योग्य सफाई कर्मचारियों को अदालत के आदेशों और विभागीय अनुमोदनों के अनुसार अंततः उनके नियुक्ति पत्र मिलें।

क्यों मायने रखता है

यह घटना राजस्थान में निर्वाचित प्रतिनिधियों और नौकरशाही के बीच एक महत्वपूर्ण संघर्ष को उजागर करती है, जो प्रशासनिक दक्षता और अदालती आदेशों के कार्यान्वयन पर सवाल उठाती है। यह राजनीतिक बहस को भी बढ़ावा देती है, जिसमें विपक्ष सत्ताधारी दल के शासन की आलोचना करने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहा है।

मुख्य तथ्य

  • Protesting Minister: Sanjay Sharma, Rajasthan Forest Minister
  • Protest Location: Alwar Municipal Corporation premises
  • Issue: Delayed appointment of 329 sanitation workers from a 2012 recruitment drive
  • Court Order: High Court ruled in favor of the candidates
  • Accused Officials: District Collector and former Municipal Commissioner of Alwar
  • Opposition Leader's Comment: Govind Singh Dotasra criticized BJP government's bureaucracy

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