छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: SC ने चैतन्य बघेल की जमानत बरकरार रखी
सुप्रीम कोर्ट ने कथित शराब घोटाला मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को मिली जमानत रद्द करने की प्रवर्तन निदेशालय और छत्तीसगढ़ सरकार की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की पीठ ने हाईकोर्ट के जमानत देने के फैसले को बरकरार रखा, लेकिन आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को हटा दिया। हाईकोर्ट ने बघेल की भूमिका को अन्य आरोपियों की तुलना में "काफी कम" बताते हुए और समानता के सिद्धांत का हवाला देते हुए जमानत दी थी, क्योंकि कई वरिष्ठ आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी थी। बघेल को पिछले साल 18 जुलाई को ईडी ने और बाद में 24 सितंबर को एसीबी/ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया था।
AI सारांश
3 bulletsसुप्रीम कोर्ट ने जमानत बरकरार रखी
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं को खारिज कर दिया। ये याचिकाएं कथित शराब घोटाला और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को दी गई जमानत को चुनौती दे रही थीं।
हाईकोर्ट का तर्क
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2 जनवरी को बघेल को जमानत दी थी, जिसमें उनकी भूमिका को अन्य वरिष्ठ आरोपियों की तुलना में "काफी कम" बताया गया था, जिन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी थी। कोर्ट ने समानता के सिद्धांत पर जोर दिया, यह देखते हुए कि मामले में कथित सरगना और मुख्य लाभार्थियों को भी जमानत मिल चुकी थी।
जांच संबंधी टिप्पणियां हटाईं
जमानत को बरकरार रखते हुए, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने ईओडब्ल्यू जांच के खिलाफ हाईकोर्ट द्वारा की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को भी हटा दिया। हाईकोर्ट ने पहले एक वारंट के बावजूद एक आरोपी को गिरफ्तार करने में विफल रहने के लिए ईओडब्ल्यू की आलोचना की थी।
गिरफ्तारी और आरोप
चैतन्य बघेल को पिछले साल 18 जुलाई को ईडी ने कथित घोटाले से जुड़ी अपनी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। बाद में, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) और ईओडब्ल्यू ने उन्हें 24 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया, जब वह भ्रष्टाचार के मामले में पहले से ही जेल में थे।
क्यों मायने रखता है
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एक पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामले को प्रभावित करता है, जिससे राजनीतिक रूप से संवेदनशील जांचों में जमानत संबंधी विचारों के लिए एक मिसाल कायम होती है।
मुख्य तथ्य
- •Chaitanya Baghel's Relationship: Son of former Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel
- •Cases Involved: Alleged liquor scam, money laundering
- •Bail Granted By: Chhattisgarh High Court
- •Supreme Court's Decision: Upheld bail, removed adverse EOW remarks
- •Arrest Dates: ED: July 18 last year; ACB/EOW: September 24
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