सादुलपुर जवान का अरुणाचल हिमस्खलन में निधन, परिवार ने की शहीद दर्जे की मांग
चुरू के सादुलपुर के 40 वर्षीय बीआरओ जवान जगवीर रेपसवाल का अरुणाचल प्रदेश में बचाव दल के साथ काम करते हुए हिमस्खलन में निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर सादुलपुर पहुंचा, लेकिन परिवार और ग्रामीणों ने शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने मांगें पूरी न होने पर रास्ता जाम करने की चेतावनी दी। स्थानीय विधायक मनोज न्यांगली और अन्य अधिकारियों ने मध्यस्थता करने की कोशिश की, और पैरा ओलंपियन देवेंद्र झाझरिया ने भी हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री से मुलाकात का आश्वासन दिया। हालांकि, परिवार अपनी मांग पर अड़ा हुआ है, यह उजागर करते हुए कि जीआरईएफ कर्मियों को अन्य सैन्य लाभ मिलने के बावजूद शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है।
AI सारांश
3 bulletsअरुणाचल में दुखद निधन
सादुलपुर, चूरू के 40 वर्षीय जवान जगवीर रेपसवाल, जो सीमा सड़क संगठन (BRO) में सेवारत थे, का अरुणाचल प्रदेश में दुखद निधन हो गया। वह एक पहाड़ी क्षेत्र में बचाव कार्यों में लगे हुए थे जब एक पत्थर गिरने से उनकी मृत्यु हो गई, जिसे हिमस्खलन से संबंधित माना जा रहा है।
परिवार ने की शहीद दर्जे की मांग
जगवीर के पार्थिव शरीर के सादुलपुर पहुंचने पर, उनके परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने शव लेने से साफ इनकार कर दिया। उनकी मुख्य मांग है कि जगवीर को आधिकारिक तौर पर शहीद का दर्जा दिया जाए, एक ऐसी मान्यता जिसे वे उनकी सेवा के लिए सही मानते हैं।
विरोध प्रदर्शन और आधिकारिक हस्तक्षेप
शोक संतप्त परिवार और ग्रामीणों ने शहीद स्मारक पर विरोध प्रदर्शन किया, और शहीद का दर्जा न मिलने पर सड़कें जाम करने की चेतावनी दी। स्थानीय विधायक मनोज न्यांगली, एसडीएम मनोज गेंदा और एसएचओ राजेश सिहाग के साथ, मौके पर पहुंचे और बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।
आश्वासन और गतिरोध जारी
विधायक मनोज न्यांगली ने मांगों के संबंध में सैनिक कल्याण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और जिला कलेक्टर से संपर्क किया। पैरा ओलंपियन देवेंद्र झाझरिया ने भी जिला कलेक्टर से बात की और परिवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात का आश्वासन दिया। इन आश्वासनों के बावजूद, परिवार शहीद के दर्जे की अपनी मांग पर अडिग है।
जीआरईएफ स्थिति में विसंगति
भूतपूर्व सैनिक संघ के पूर्व अध्यक्ष जगत सिंह ने स्पष्ट किया कि बीआरओ की जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) के कर्मी, जैसे जगवीर, को अन्य सैन्य लाभ मिलते हैं लेकिन उन्हें शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है। यह नीतिगत विसंगति ही चल रहे विरोध प्रदर्शन और मान्यता की मांगों का मूल कारण है।
क्यों मायने रखता है
यह घटना बीआरओ कर्मियों को शहीद के रूप में मान्यता देने में असमानता को उजागर करती है, जिससे विरोध प्रदर्शन और उनकी स्थिति तथा लाभों से संबंधित नीतिगत परिवर्तनों की मांग उठ रही है।
मुख्य तथ्य
- •Jawan's Name: Jagveer Repswal
- •Age: 40 years
- •Place of Death: Arunachal Pradesh
- •Cause of Death: Stone falling during rescue work (avalanche related)
- •Unit: BRO (GREF)
- •Protest Location: Sadulpur, Churu, Rajasthan
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…